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ऐसा हो आपका कार्यस्थल

ऐसा हो आपका कार्यस्थल

कहते हैं हेल्थ इज वेल्थ, फिर भला वेल्थ के लिए हेल्थ की उपेक्षा क्यों की जाये। हमें तो वेल्थ के मुख्य स्त्रोत वाले स्थान यानी हमारे कार्यस्थल पर भी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहिए। इस बारे में बता रही हैं रॉकलैंड हॉस्पिटल की फिजिशियन डॉं. चारु सचदेवा

अक्सर हम काम-काज में इतने अधिक व्यस्त हो जाते हैं कि काम के लिए अपनी सेहत की तरफ लापरवाही भी करते हैं। कभी-कभी तो स्वास्थ्य की तरफ यह लापरवाही बाद में बड़ी परेशानी का रूप ले लेती है। पेशेवर लोगों के साथ तो जैसे यह आजकल बहुत आम होता जा रहा है। शायद हम भूल रहे हैं कि सेहत है तो जहान है। यदि हम कार्य करते समय ही कुछ बातों को अपना लें तो आज की कार्यशैली से होने वाली सेहत संबंधी परेशानियों से बचा जा सकता है। इसके लिए सिर्फ कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि कंपनी मालिकों को भी अपने कर्मचारियों के अच्छे स्वास्थ्य के मद्देनजर अच्छा माहौल और कुछ आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए। आखिर स्वस्थ कर्मचारी कंपनी की आधारशिला के समान होते हैं।

खाने-पीने की आदतें सुधारें
हमारे स्वास्थ्य के लिए खान-पान की सबसे अधिक अहमियत होती है। लगातार घंटों काम करने की आज की कार्यशैली में हम कई बार दिन का खाना समय पर नहीं खाते या दिन के खाने को तवज्जो ही नहीं देते और काम खत्म होने पर एक साथ ज्यादा खा लेते हैं। इन सबसे आपके शरीर पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। दोपहर का खाना एक निश्चित समय पर रोज जरूर खाएं। हो सके तो लंच में खाने के साथ फल सलाद या फलों की चाट भी शामिल करें। इससे आपकी कार्य करने की क्षमता बनी रहेगी। लम्बे समय तक खाली पेट या भूखे रहने से शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर पर असर पड़ता है और आपकी ऊर्जा भी कम होती है। इसके लिए दो घंटे के अंतराल पर कुछ न कुछ खाएं जैसे बिना तली-भुनी चीजें (प्लेन ड्राई फ्रूट्स या चने-मुरमुरे) खाएं। इससे काम करने के लिए ताकत आती है और खाने में अधिक समय भी नहीं लगता। हो सके तो चाय के साथ भी अंकुरित चाट, कॉर्न फ्लैक्स, सोया चिप्स, रोस्टेड नमकीन आदि खाएं। 

रंगों का महत्व
इस बात से हम सभी वाकिफ हैं कि रंग हमें मानसिक तौर पर खासा प्रभावित करते हैं। कार्यस्थल पर भी सबसे ज्यादा दिमाग का ही उपयोग होता है। ऐसे में यहां भी रंगों की महत्ता पर ध्यान देना चाहिए। अपने कार्य स्थल पर ऐसे रंगों का प्रयोग करना चाहिए, जिससे आपको काम करने में ऊर्जा मिले और सकारात्मक प्रभाव पड़े। इसके लिए अगर आपका डेस्क वर्क है तो आप हल्के व खिलते हुए रंगों का इस्तेमाल करें। जैसे लाइट पिंक, लाइट बेज आदि। ऐसे रंग मन पर सुख व शांति वाला प्रभाव डालते हैं। यदि आपकी कार्यशैली क्रिएटिव है तो अपने ऑफिस या केबिन में लाइट कलर्स के साथ डार्क कलर्स का कम्बिनेशन प्रयोग में लाएं। कार्यस्थल पर रंगों के सुंदर प्रयोग से आपको काम में भी प्रेरणा मिलेगी। काम-काज वाली जगह पर सुस्त रंगों का प्रयोग बिलकुल न करें। ऐसे रंग हम पर सुस्त प्रभाव डालने वाले माने जाते हैं, जो सेहत के लिए ठीक नहीं होते।

कुछ मूवमेंट्स हैं जरूरी
वर्तमान में पेशेवर लोगों के लिए कंप्यूटर के अधिक इस्तेमाल व लम्बे समय तक बैठ कर काम करने से कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। इनसे बचाव के लिए आपके कुछ मूवमेंट्स होने बेहद जरूरी हैं। आंखों और गर्दन संबंधी व्यायाम तथा क्रियाएं तो बेहद जरूरी हैं। इसके लिए आप हर आधे घटे के बाद दो मिनट के लिए गर्दन को कुर्सी पर पीछे की ओर टिकाएं और आंखें बंद करके उन पर हथेलियां रखें। हाथों और पैरों की भी हर घंटे के बाद मूवमेंट करें। इसके लिए उन्हें सीधा करके धीरे-धीरे मोडें। पूरी बॉडी की मूवमेंट का सबसे बेहतर तरीका है कि काम करते हुए जिन चीजों की जरूरत आपको आधे से एक घंटे के अन्दर पड़ती हो, उन्हें कुछ दूरी पर रखें। इससे आपको उन्हें उठ कर या थोड़ा चल कर लेना पड़ेगा और आपका मूवमेंट बढ़ जाएगा। इससे आंखों और गर्दन को भी लम्बे समय तक एक अवस्था में रखने से बचेंगे और उन्हें आराम मिलेगा।

कैसी हो बैठने की जगह
ऑफिस में बैठने की जगह ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पर्याप्त रोशनी हो। बेहतर होगा अगर उस स्थान पर सूरज की रोशनी आती हो। इससे आपको विटामिन डी भी मिल जायेगा और कार्यक्षमता में बढ़ोतरी भी होगी। जहां आप बैठ कर काम करें, वहां दूसरों का शोर या अनावश्यक आवाजें न आएं तो बेहतर है। ऐसा होने से आपका ध्यान काम से नहीं भटकेगा और काम बेहतर कर पाएंगे। और सबसे जरूरी है आपकी बैठने की कुर्सी और मेज का ठीक होना। कुर्सी और मेज की ऊंचाई व अनुपात इस तरह का होना चाहिए कि काम करने में सहूलियत महसूस हो। आपका हाथ भी आसानी से आरामदायक स्थिति में आ सके। ध्यान दें कि आपकी कुर्सी जरूरत के हिसाब से एड्जस्ट करने योग्य हो। कुर्सी बहुत सख्त नहीं होनी चाहिए, ताकि आपका शरीर आरामदायक स्थिति में रहे और काम में पूरा  मन लगे। कुर्सी जरूरत से ज्यादा मुलायम भी न हो, क्योंकि ऐसी कुर्सी आपके स्पाइन को सपोर्ट नहीं करेगी।

अधिक तनाव हो तो
कार्य और सेहत, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है कि आप अपना काम प्रसन्नतापूर्वक करें और आपके कार्य स्थल का वातावरण स्वस्थ हो। किसी कारणवश आप अधिक तनाव महसूस करें तो परेशान न हों, बल्कि ध्यान करें। इसके लिए आप हलके-हलके सांस अन्दर भरें और फिर आराम-आराम से सांस बाहर छोडें। यह आप आसानी से कर पाएंगे और आपको राहत मिलेगी।                        

ऑफिस में करें व्यायाम
कितने भी व्यस्त हों, रोज व्यायाम जरूर करें। ऑफिस में कुछ शारीरिक क्रियाएं भी कर सकते हैं। लिफ्ट या एस्केलेटर्स का इस्तेमाल न करके सीढियों का इस्तेमाल करें। काम के बीच थोड़ा टहल भी लिया करें। इस तरह की क्रियाएं उतनी ही करें, जितने से आपको काम करने में व्यवधान न आए। कुछ पल अपने पेट के व्यायाम को भी दें। इसके लिए धीरे-धीरे सांस अन्दर लें और फिर सांस बाहर छोड़ते  हुए पेट को अन्दर पिचकाएं। इस तरह व्यस्त होते हुए भी आप कुछ महत्वपूर्ण व्यायाम आसानी से कर पाएंगे।

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