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आंदोलन और तेज करंगे कॉलेज कर्मी

विश्वविद्यालयों में जारी हड़ताल के समाप्त होने के आसार नजर नहीं आ रहे। जहां एक तरफ कर्मचारी अपनी 24 अगस्त 2005 व 18 जुलाई 2007 को सरकार के साथ हुए समझौते की मांग पर अड़े हैं, वहीं सरकार का कहना है कि हड़ताली कर्मचारी लचीला रुख अपनाने की बजाए अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। कर्मचारियों ने अब हड़ताल को आक्रामक तेवर देने का निर्णय लिया है। पिछले दिनों बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ की बैठक में निर्णय लिया गया है कि शांतिपूर्वक हड़ताल से सरकार के कानों में आवाज नहीं जा रही है।ड्ढr ड्ढr महासंघ की कार्यकारिणी की बैठक में लिए गए निर्णय के संबंध में पटना विवि कॉलेज कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष मो. कैसर ने बताया कि संघर्ष को और तीव्र किया जाएगा। 8 जुलाई को आयकर गोलंबर के पास विश्वासघात दिवस के रूप में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। 2ाुलाई को राज्य के नौ विश्वविद्यालयों और 250 अंगीभूत कॉलेजों के कर्मचारी विधानसभा के समक्ष जोरदार प्रदर्शन करंगे। इसको लेकर सभी विश्वविद्यालयों में कर्मचारी नेताओं को तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है। वहीं हड़ताल के कारण पटना विवि के सभी कॉलेजों व विभागों में कामकाज बुरी तरह से प्रभावित है। विभिन्न कॉलेजों में हड़ताल का नेतृत्च नरंद्र मिश्र, मो. मकसूद आलम, विश्वनाथ तिवारी, अरुण कुमार सिंह व विनोद कुमार कर रहे हैं।

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