DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

अंतध्र्यान हो गए बर्फानी बाबा

अमरनाथ यात्रा श्राइन बोर्ड के सारे प्रयास धरे रह गए। न लोहे की ग्रिल काम आई और न ही तमाम तरह की पाबंदियां। बारह फुट का हिमलिंग मंगलवार को पूरी तरह से पिघल गया। मार्च के अंतिम सप्ताह में इसके 12 फुट के आकार ने सबको खुशी दी थी क्योंकि कई सालों के बाद यह पूर्ण रूप में बना था। पर यह खुशी 17 जून को अमरनाथ यात्रा के शुरू होने के बाद मात्र 2दिनों तक रही। दस जुलाई को इसका आकार घट कर आधा रह गया। सोमवार को इसमें और कमी इसलिए आ गई, क्योंकि कुछ प्रभाव ग्लोबल वार्मिंग के कारण बढ़ी गर्मी ने भी दिखाया। सोमवार को चार फुट और मंगलवार को सुबह ढाई फुट रह जाने की खबरें चिंता पैदा करने वाली थीं। पर शाम होते होते यह पूरी तरह से गायब हो गया। पहले तो इसके लिए भोले के भक्तों को दोषी ठहराया गया। असल में जिस गुफा की क्षमता प्रतिदिन 10 हजार लोगों की भी नहीं थी वहां यात्रा के शुरू होते ही दर्शन करने वालों का आंकड़ा 50 हजार को पार कर नए रिकॉर्ड बना गया था। नतीजा भी सामने है। श्राइन बोर्ड ने भक्तों के हाथों से हिमलिंग को बचाने की खातिर गुफा के मुहाने पर लोहे की ग्रिल तो लगा दी पर भोले के भक्तों की सांसों से वह उसे नहीं बचा पाया। उधर भक्तों का आरोप है कि इसके लिए ग्लोबल वार्मिंग के साथ-साथ गुफा से कुछ दूरी पर उड़ानें भर रहे हेलिकॉप्टर जिम्मेदार हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: अंतध्र्यान हो गए बर्फानी बाबा