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स्पीकर का पद छोड़ा तो सांसदी भी छोड़ दूंगा: सोमनाथ

लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने माकपा महासचिव प्रकाश करात को चिट्ठी लिखकर स्पीकर के पद पर रहने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि अगर वह स्पीकर के पद से इस्तीफा देंगे तो सांसद के पद से भी इस्तीफा दे देंगे। सूत्रों के अनुसार सोमनाथ चटर्जी सरकार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के साथ वोट डालने के पक्ष में भी नहीं हैं। सोमनाथ चटर्जी बिना उनकी इच्छा जाने समर्थन वापस लेने की सूची में उनके नाम डाले जाने से बेहद खफा हैं। उल्लेखनीय है कि स्पीकर की कोई पार्टी नहीं होती। इस मसले पर लोकसभा सचिवालय ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी और अपील की थी कि स्पीकर के पद को राजनीतिकरण से दूर रखा जाए। कुछ दिन पहले विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भी माकपा के वरिष्ठ नेता ज्योति बसु से मिलकर इस मसले पर बातचीत की थी। पश्चिम बंगाल में माकपा के वरिष्ठ नेता विमान बोस ने भी कहा था कि अगर कोई व्यक्ित स्पीकर के पद पर चुन लिया जाता है तो वह दलगत राजनीति से ऊपर उठ जाता है।ड्ढr ड्ढr रक्षा कार्यक्रम पर असर नहींड्ढr नई दिल्ली (एजेंसियां)। प्रधानमंत्री मनमाहन सिंह न कहा है कि वामदलां की समर्थन वापसी क बावजूद सरकार पर संकट नहीं है और शक्ित प्रदर्शन के दौरान वे अपना बहुमत साबित कर देंगे। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि करार से देश के सामरिक कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोग करार का महत्व समझते हैं और यह होकर रहेगा। मंगलवार को विभिन्न समाचार पत्रां, समाचार चैनलां और एजंसियां क संपादकां क साथ मुलाकात क दौरान उन्हांन कहा कि करार दश हित मं है और इसक लिए स्वतंत्र विदश नीति और दश की सुरक्षा क साथ काई समझौता नहीं किया गया है। उन्हांन कहा कि उन्हं पूरा भरासा है कि जनता करार की अहमियत का समझगी और सरकार क कदम की सराहना करेगी। करार के पूरा हा जान स भारत आण्विक रूप स आत्मनिर्भर हा जाएगा। भारत का परमाणु हथियार कार्यक्रम आईएईए के साथ होने वाले निगरानी उपाय समझौते से पूरी तरह बाहर है।

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