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नहीं मान रहे हैं बागी भाजपाई

नई टीम में शामिल भाजपा के ‘जख्मी दिल’ वाले ओहदेदार लाख कोशिशों के बावजूद नहीं मान रहे हैं। इनकी एकजुटता से नेतृत्व की परशानी बढ़ गई है। मंगलवार चौथा दिन था जब नेतृत्व पलक-पावड़े बिछाकर इनकी आगवानी की तैयारी किए बैठा रहा मगर इस जमात का एक भी नेता प्रदेश मुख्यालय नहीं पहुंचा। जानकारी के मुताबिक इनकी सार्वजनिक नाराजगी के कारण ही अब तक प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक नहीं बुलाई जा सकी है जबकि ऐसे किसी भी फेर-बदल के तुरंत बाद बैठक बुलाने की परम्परा रही है। नेतृत्व समर्थक खेमे की चिन्ता है कि यदि नाराज पदाधिकारी नहीं आए तो बैठक की भद्द पिट जाएगी।ड्ढr ड्ढr दूसरी तरफ इन नेताओं की ‘संघर्ष के साथियों’ के साथ लगातार बैठकें चल रही हैं। सोमवार को पीएचईडी मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के आशियाने पर जुटे विधायकों के ‘जख्मों’ पर मरहम लगाया गया। वहीं मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री नन्दकिशोर यादव से मिलने कई नेता गए।ड्ढr बताया जाता है कि दोनों वरीय नेताओं ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केन्द्रीय नेतृत्व के दबाव का हवाला देकर विधायकों को समझाने-बुझाने की कोशिश की। मगर वे राजी नहीं हुए। उधर पदभार ग्रहण करने के सवाल पर ‘आहत दस्ते’ के प्रमुख विधायक रामेश्वर प्रसाद चौरसिया के ‘नो कमेंट्स’ ने पहले ही इस पूर मामले को साफ कर दिया है। इस बीच नई जिम्मेदारी संभालने को लेकर नेतृत्व की पेशबंदी को लेकर ही कई विधायकों ने जानबूझकर खुद को पटना से बाहर घोषित कर रखा है। पूर्व मंत्री जनार्दन सिंह सीग्रीवाल के बार में बताया गया कि सोमवार को उनका कोई पुराना मित्र प्रदेश दफ्तर में इंतजार कर रहा था जिससे मिलने भर के लिए वह पार्टी दफ्तर गए थे।

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