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दो साल में भी टूट नहीं पाया मटुकनाथ का निलंबन

दो साल बाद भी बीएन कॉलेज के हिंदी विभाग के शिक्षक डा. मटुकनाथ चौधरी का निलंबन समाप्त नहीं हो पाया है। इसको लेकर अब डा. चौधरी ने प्रयास तेज करने का निर्णय लिया है। जूली के संग प्रेम का पाठ समाज को पढ़ाने के चक्कर में ठीक दो साल पहले 15 जुलाई 2006 को डा. मटुकनाथ चौधरी को विवि प्रशासन ने निलंबित कर दिया था।ड्ढr सामान्य मामलों में विवि शिक्षकों का निलंबन छह माह में समाप्त कर दिया जाता है लेकिन डा. चौधरी के मामले में अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। मंगलवार को निलंबन की दूसरी वर्षगांठ पर डा. चौधरी मीडिया के सामने अपनी व्यथा रखी।ड्ढr ड्ढr डा. चौधरी ने कहा कि हमार मामले में लगातार कुलपति बदलते रहे लेकिन हमारा निलंबन वापस नहीं हुआ। उन्होंने अपने निलंबन के औचित्य पर सवाल खड़ा करते हुए एक पुस्तक लिखी है। इसमें उन्होंने साफ लिखा है कि बीएन कॉलेज के प्राचार्य ने उनके मामले में विवि प्रशासन को गलत रिपोर्ट दी। जब मामले की पूरी जानकारी तत्कालीन कुलपति डा. एस. एहतेशामुद्दीन को हमने दी थी उसके बाद से आज तक मामले को लटकाए रखा गया। डा. श्याम लाल के कुलपति बनने के बाद आशा जगी थी कि कुछ फैसला होगा। पर वर्तमान कुलपति कोई निर्णय लेने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब मैं निराश हो चुका हूं और कुलाधिपति के न्यायाधीकरण में जाने की सोच रहा हूं। साथ ही मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मांग करता हूं कि वे हमार मामले में कोई ठोस कदम उठाएं। अपने प्रेम के बार में उन्होंने कहा कि हमारा प्रेम अटूट है और वक्त के थपेड़ों ने इसे और मजबूत किया है।

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