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ब्यूरोकोर्ट में चिल्लाये सजल समर्थकों का हंगामा

चारा घोटाला में दोषी करार आइएएस अफसर सजल चक्रवर्ती मंगलवार को यहां सीबीआइ की विशेष अदालत में गरम हो गये। उन्होंने चिल्ला-चिल्ला कर कहा कि तबीयत खराब होने के बावजूद उन्हें चिकित्सा सुविधा नहीं दी जा रही। वह काफी गुस्से में थे। घंटे भर के शोरशराबे और हंगामे के बाद आखिरकार उन्हें कोर्ट से जेल अस्पताल, फिर रिम्स भेजा गया। इसकी वजह से उन्हें मंगलवार को सजा नहीं सुनायी जा सकी। इससे पहले विशेष जज वीके सहाय की कोर्ट ने चारा घोटाला (कांड संख्या आरसी 51(ए)े 14 अभियुक्तों को तीन से छह साल तक की सजा सुनायी। इन पर दो से 50 लाख रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना नहीं देने पर छह माह अतिरिक्त जेल काटनी होगी। कोर्ट ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए सभी 51 अभियुक्तों को 15 जुलाई को कोर्ट में सशरीर पेश होने का आदेश दिया था। बिरसा केंद्रीय कारा से सभी को कोर्ट लाया गया। वहां अचानक सजल चक्रवर्ती गरमा गये। उनका कहना था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है। सुबह छह बजे से सीने में दर्द है। पहले जान बचानी जरूरी है। मुझे किसी अस्पताल में भर्ती कराया जाये। उन्होंने जज के सामने इमरोंसी मेडिकल बोर्ड गठित कर स्वास्थ्य की जांच कराने की मांग रखी। सजल काफी ऊंची आवाज में बोल रहे थे। इस पर कोर्ट ने आपत्ति जतायी, कहा कि कोर्ट की किसी से रािंश नहीं है। साक्ष्य के आधार पर फैसला सुनाया गया है। मरीा को इलाज की सुविधा मिलनी चाहिए, इससे इंकार नहीं है, लेकिन बोलने का लहाा सही होना चाहिए। इसके बाद सजल और उनके साथ आये लोगों ने हो-हल्ला करना शुरू कर दिया। तुरंत हाजत प्रभारी को बुलाया गया। उनसे स्थिति नहीं संभली। तब एसएसपी को खबर दी गयी। उनके आदेश पर कोतवाली थाना प्रभारी एके गुप्ता वहां पहुंचे। सीने में दर्द की शिकायत कर रहे सजल कोर्ट में ही बेंच पर लेट गये। बाद में कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल के चिकित्सक के पास भेज दिया गया। वहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें रिम्स ले जाया गया। ऑब्जव्रेशन में हैं सजलड्ढr

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