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अनिल आगे बढ़े तो मुकेचचश भी तैयार!

रिलायंस उद्योग समूह के बंटवारे के समय दोनों भाइयों के बीच हुए समझौते की एक शर्त यह भी है कि यदि एक पक्ष समझौते का उल्लंघन करता है तो दूसरा पक्ष समझौते की शतोर्ं से बंधा नहीं रहेगा और दूसरे के कारोबारी क्षेत्र में धंधा शुरु करने के लिए मुक्त होगा। दूसरे शब्दों में यदि इस शर्त का खुलासा किया जाए तो इसका सीधा सा मतलब यही बनता है कि यदि अनिल अंबानी, मुकेश समूह की आपत्ति के बावजूद दक्षिण अफ्रीकी कंपनी एमटीएन के साथ बहुचर्चित सौदे को लेकर आगे बढ़ते हैं तो फिर मुकेश समूह समझौते की शतोर्ं से आजाद होगा और यदि चाहे तो वह भी संचार और बिजली क्षेत्र में कारोबार शुरू कर सकता है।

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  • Web Title: अनिल आगे बढ़े तो मुकेचचश भी तैयार!