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घरेलू हिंसा के विरुद्ध देशव्यापी अभियान

महिलाओं और कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच घरलू हिंसा निषेध कानून तथा इससे संबंधित कार्यवाहियों की बेहतर समझ के लिए पूर देश में एक अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में सेंटर फॉर सोशल रिसर्च और वुमेन पावर कनेक्ट मिलकर पूर देश में जागरूकता अभियान चलाएंगे। इसके लिए पांच चुनिंदा शहरों में परामर्श बैठकों का आयोजन किया जाएगा। पहली बैठक 6 अगस्त को पटना में होगी। वुमेन पावर कनेक्ट की अध्यक्ष डॉ. रांना कुमारी का कहना है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में जागरूकता के अभाव में घरलू हिंसा निषेध कानून को लागू करने में देरी हो रही है। संरक्षण अधिकारियों, सेवा प्रदाताओं, पुलिस और लोगों को इस कानून की ठीक से जानकारी नहीं है। इसलिए कानून की कुछ धाराओं को सरल भाषा में बताने के लिए इस पर चर्चा करना जरूरी है। इससे जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देने के लिए एसा अभियान चलाया जाना जरूरी है। कानून प्रभावी ढंग से लागू हो सके, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों, कानून लागू करने वाली एजेंसियों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, समुदाय और पत्रकारों के साथ विमर्श किया जाएगा। लायर्स कलेक्िटव वूमन राइट्स इनिशिएटिव नामक संगठन द्वारा तैयार रिपोर्ट के अनुसार देश भर में जुलाई, 2007 तक घरलू हिंसा के मात्र 7मामले दर्ज हुए। सबसे ज्यादा मामले राजस्थान में (3440) और दूसर नंबर पर केरल में (1028) प्रकाश में आए जबकि उत्तरप्रदेश से कोई सूचना नहीं मिली। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, नागालैंड और मेघालय को छोड़कर सभी राज्यों में कानून लागू करने के लिए संरक्षण अधिकारी नियुक्त हो चुके हैं, लेकिन ज्यादातर जगह उन्हें अतिरिक्त कार्यभार के तौर पर यह जिम्मेदारी दी गई है। पूर्णकालिक संरक्षण अधिकारी केवल दिल्ली और आंध्रप्रदेश में ही हैं।ड्ढr

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  • Web Title: घरेलू हिंसा के विरुद्ध देशव्यापी अभियान