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पूरक-संपूरक परीक्षा शुरूड्ढr मैट्रिक की पूरक-संपूरक परीक्षा 16 जुलाई से शुरू हुई। परीक्षा के लिए 45 केंद्र बनाये गये हैं। परीक्षा के लिए 16 हाार परीक्षार्थियों ने फार्म भरा है। पहले दिन परीक्षा शांतिपूर्ण रही। इंटर की पूरक-संपूरक परीक्षा 22 जुलाई से शुरू होगी। इसके लिए 55 केंद्र बनाये गये हैं। परीक्षा में 21 हाार परीक्षार्थी शामिल होंगे।ड्ढr जांच के लिए कमेटी बनीड्ढr निर्माणाधीन स्कूल भवनों की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। राज्य परियोजना निदेशक ने सभी जिलों के लिए अलग-अलग कमेटी बनायी है। कमेटी को 26 जुलाई तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। कमेटी निर्माण कार्य रुकने का कारण, निर्माण शुरू नहीं होने का कारण भी बतायेगी।ड्ढr मध्यमा का रिाल्ट आजड्ढr झारखंड एकेडमिक कौंसिल मध्यमा परीक्षा का रिाल्ट 17 जुलाई को जारी करगा। दिन के तीन झारखंड एकेडमिक कौंसिल में अध्यक्ष डॉ शालीग्राम यादव रिाल्ट जारी करंगे।ड्ढr स्कूलों की समीक्षा 1ोड्ढr रांची शहरी क्षेत्र के स्कूलों की समीक्षा 1ाुलाई को डायट रातू में होगी। भवनहीन, भूमिहीन स्कूल और अतिक्रमणवाले स्कूलों की रिपोर्ट के साथ हेडमास्टर बीआरपी-सीआरपी को उपस्थित होने का निर्देश डीएसइ प्रदीप चौबे ने दिया है। उत्पाद नीति:याचिका मंजूरआदेश से प्रभावित होगी बंदोबस्तीड्ढr वरीय संवाददाता रांची राज्य की उत्पाद नीति को चुनौती देनेवाली याचिका हाइकोर्ट ने सुनवाई के लिए मंजूर कर ली है। अदालत ने इस याचिका पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्र और जस्टिस एमवाइ इकबाल की अदालत ने कहा कि सरकार इस संबंध में निर्णय ले सकती है, लेकिन शराब बिक्री की बंदोबस्ती का कोई भी निर्णय इस मामले के अंतिम आदेश से प्रभावित होगा। इस संबंध में दो याचिकाएं दायर की गयी हैं। इसमें उत्पाद नीति को चुनौती दी गयी है। प्रार्थी का कहना है कि नयी नीति में देसी, विदेशी और मसालेदार शराब तीनों को एक ही ग्रुप में शामिल किया गया है। हर जिले में इन तीनों शराब की बिक्री के लिए एक ही व्यक्ित को लाइसेंस देने का प्रावधान किया गया है, जो गलत है। महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि ऐसा राजस्व में नुकसान नहीं हो, इस कारण किया गया है। वर्ष 2004 के पूर्व की नीति में सिर्फ दो ही तरह के शराब को एक ग्रुप में रखा गया था। अदालत को बताया गया कि 24 जिलों में से 20 जिलों के लिए टेंडर डाला गया है। रांची, बोकारो, धनबाद और सिमडेगा को लिए कोई टेंडर नहीं डाला गया है। इन जिलों से कुल राजस्व का 47 प्रतिशत आता है। 23 करोड़ 80 लाख का अर्थदंडड्ढr हिन्दुस्तान ब्यूरो रांची सीबीआइ के स्पेशल जज विनय कुमार सहाय की अदालत ने 16 जुलाई को जिन 15 अभियुक्तों को सजा सुनायी, उन पर कुल 23 करोड़ 80 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। दो अभियुक्तों पर 0-0 लाख रुपये, एक पर 25 लाख और तीन पर 20-20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।ड्ढr फरार घोषित अभियुक्त को सजाड्ढr चारा घोटाला के कांड संख्या आरसी 51(ए)में फैसले के दिन नहीं आने वाले तीन अभियुक्तों को अदालत ने दोषी करार देते हुए फरार घोषित किया था। इनमें से दो अभियुक्त फूल सिंह और मो हुसैन बाद में कोर्ट में उपस्थित हुए, जबकि मनीष कुमार जायसवाल अब तक फरार है। फूल सिंह को कोर्ट ने 16 जुलाई को सजा सुना दी। मो हुसैन को 21 जुलाई को सजा सुनायी जायेगी।ड्ढr बड़े भाई हैं, तो बड़ी सजाड्ढr सीबीआइ के स्पेशल जज विनय कुमार सहाय की अदालत ने त्रिपुरारी मोहन को सजा सुनाने से पूर्व कमेंट किया कि बड़े भाई हैं, तो बड़ी सजा होनी चाहिए। दरअसल त्रिपुरारी मोहन के दो छोटे भाई सुनील और सुशील भी चारा घोटाला के अभियुक्त हैं। त्रिपुरारी मोहन को सर्वाधिक सात साल का सश्रम कारावास और 0 लाख रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया गया है।

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