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आदिवासियों की भलाई कांग्रेस में रहकर संभव नहीं

झारखंड व्यक्ितगत कार्य से आया हूं। यहां आया, तो अजरुन मुंडा, दुखा भगत से भेंट हो गयी। कुछ पार्टी की बातें हो गयीं। उक्त बातें भाजपा के वरीय नेता सह मयूरभंज के सांसद जुएल उरांव ने कहीं। उरांव तीन दिन से झारखंड में रुके हुए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में उथल पुथल और उनके झारखंड आने से कोई संबंध नहीं है। केंद्र सरकार जानेवाली है।ड्ढr उन्होंने कहा कि शिबू सोरन को उन्होंने व्यक्ितगत सुझाव दिया था कि कांग्रेस में रह कर राज्य के आदिवासियों की भलाई नहीं कर सकते हैं। कांग्रेस का साथ छोड़कर एनडीए का साथ दें। इस पर शिबू ने भी सहमति दी थी और कहा था कि वह गलत जगह फंस गये हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के गिरने का सीधा प्रभाव झारखंड सरकार पर पड़ेगा। केंद्र सरकार के गिरते ही झारखंड सरकार बिखर जायेगी।ड्ढr सार हथकंडे अपना रही कांग्रेस : मेहताड्ढr भाकपा सांसद भुवनेश्वर मेहता ने कहा कि सरकार बचाने को कांग्रेस सार हथकंडे अपना रही है। हॉर्स ट्रेडिंग का खुला खेल शुरू हो गया है। विश्वास मत हासिल करने के ऐन मौके पर औद्योगिक घराने तथा पूंजीपतियों से पीएम के मिलने के कारणों को कांग्रेस सार्वजनिक कर। जोड़-तोड़ करने के लिए अमर सिंह कांग्रेस को सभी रास्ते दिखाने में लगे हैं। परमाणु करार पर यूपीए एकतरफा फैसला लेने पर आमदा है। अमेरिका ने देश को बराबर धोखा दिया है। इसके बाद भी एटॉमिक डील के नाम पर कांग्रेस अमेरिका परस्ती में लगी है। विश्वासमत हासिल करने के लिए कांग्रेस खरीद-फरोख्त पर उतर आयी है। मेहता ने कहा कि सरकार का जाना तय है। अगर सरकार बच गयी, तो क्या करंगे, सवाल पर मेहता ने कहा कि वाम दल जनता के बीच जायेंगे। खरीद-फरोख्त तथा परमाणु करार का सच बतायेंगे।

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