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जल कैदी बने डाक्टर, क्लीनिकों में ताले

राजधानी में जलजमाव के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गयी हैं। डॉक्टर घर में ‘जल कैदी’ बन गए हैं। स्थिति यह है कि बड़े-बड़े निजी संस्थानों के निचले तल पर पानी घुस चुका है। कंकड़बाग और राजेन्द्रनगर इलाके में बड़े चिकित्सकों की क्लीनिकों तक पहुंचना मरीज-डॉक्टर के लिए दूभर हो गया है। जलजमाव के कारण राजेन्द्रनगर के आर के एवेन्यू स्थित प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डा.आर.सिंह की क्लीनिक में ताला लग चुका है। इसी रोड में मैला टंकी के पास न्यूरो सर्जन डा.अरुण कुमार अग्रवाल के यहां मरीज ठेला पर लदकर आ रहे हैं।ड्ढr ड्ढr प्रसिद्ध सर्जन डा.यू.पी.सिंह ने मगध हॉस्पीटल, महावीर आरोग्य संस्थान के ऑपरशन स्थगित कर दिये। वहीं बुद्धा डेंटल कॉलेज की टर्मिनल परीक्षाएं स्थगित कर दी गयीं। डा. सिंह ने टेलीफोन पर बताया कि घर से निकलना मुश्किल है। मगध हॉस्पीटल के प्रबंध निदेशक गोपाल खेमका ने स्वीकार किया कि पानी अन्दर चला आया था। शाही हॉस्पीटल के निदेशक डा.अजीत सिंह ने टेलीफोन पर बताया कि पानी के कारण अस्पताल की सभी सेवाएं बंद करनी पड़ गयी हैं। राजेन्द्रनगर रोड नम्बर-3 स्थित स्टोन एण्ड किडनी हॉस्पीटल में भी पानी घुस चुका है। डा.अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मरीजों का ऑपरशन तो ठप कर ही दिया गया, परशानी करोड़ों की मशीनों को लेकर है। इन्हें हटाना कठिन है। महावीर आरोग्य संस्थान के निदेशक डा. एस.पी.श्रीवास्तव ने माना कि पानी में घिर होने के कारण डा.यू.पी.सिंह, निश्चेतक डा.चंदन कुमार और रेडियोलॉजिस्ट डा.नुपूर संस्थान नहीं आ सकीं।

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