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जलती रहे यह दीपशिखा

समाज कल्याण मंत्री जोबा मांझी ने कहा है कि विकलांगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए समाज के हर व्यक्ित को आगे आना होगा।ड्ढr वे गुरुवार को रांची क्लब में आयोजित दीपशिखा के स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि बोल रहीं थीं। फिक्की के स्कील ट्रेनिंग सलाहकार अशोक कुमार ने कहा कि नि:शक्तों के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही हैं। इसके तहत एक मिलियन नि:शक्तों को ट्रेंड किया जायेगा।ड्ढr इंडस्ट्री और मार्केट की मांग के अनुसार 320 एमइएस कोर्स तैयार किये गये है। एमइएस अपग्रेडेशन के लिए 30 क्षेत्रों का चयन किया गया है। नि:शक्तों को कंप्यूटर, गारमेंट पैकर, टैली, ज्वेलरी सहित अन्य चीजों की ट्रेनिंग दी जायेगी।ड्ढr मौके पर वीआरसीएच के डिप्टी डायरक्टर एसजेडएच जदी, एनआइएचएच के डायरक्टर डॉ आर रंगासयी, आइएएस नितिन कुलकर्णी ने भी विचार रखे। अध्यक्षता रांची यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो एए खान ने की।ड्ढr इस अवसर पर कल्याण विभाग के सचिव यूके संगमा, एचइसी के सीएमडी जेके पिल्लई, सीआइपी के निदेशक डॉ एस हक, मनीषा बुधिया, उषा जालान,अतुल सहाय, रितू, पूर्वा, सास्वती सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।शीघ्र लागू होगी हेल्थ इंश्योरंस की सुविधाड्ढr नेशनल ट्रस्ट नई दिल्ली के सीइओ अतुल प्रसाद ने कहा कि विकलांगों को रोजगार से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय न्यास की ओर से ज्ञान प्रभा और उद्यम प्रभा योजना चलायी जा रही है। इसके तहत निशक्तों को वोकेशनल ट्रेनिंग, स्कॉलरशिप और कई तरह के अनुदान दिये जाते हैं। विकलांगों के लिए हेल्थ इंश्योरंस की भी व्यवस्था की गयी है। जल्द ही इसे झारखंड में लागू कर दिया जायेगा। इससे नि:शक्तों को काफी लाभ मिलेगा।

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