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हौसले के आगे मौत ने तोड़ा दम

इंसान के हौसले और सूझबूझ ने एक बार फिर मौत को मात दे दी। लोहे की रॉड छाती को चीरकर अगर आर-पार हो जाए तो शायद ही कोई सोच सकता है कि व्यक्ित जिंदा बच जाएगा, लेकिन एम्स के ट्रामा सेंटर में डॉक्टरों ने यह करिश्मा करके दिखा दिया। दुर्घटना के शिकार 23 वर्षीय सुप्रतिम दत्ता की दास्तां दोबारा जन्म लेने से कम नहीं है।ड्ढr ड्ढr शनिवार की सुबह घिटोरनी मेट्रो स्टेशन के पास सड़क दुर्घटना में वह इस कदर घायल हो गए कि लोहे की रॉड उनकी छाती से आर-पार हो गई। यह इस युवक की हिम्मत और डॉक्टरों की समझदारी की बेमिसाल कहानी है। बुरी तरह से घायल होने के बाद उसने फोन करके अपने दोस्तों, सहकर्मियों और रिश्तेदारों को सहायता के लिए बुलाया। लोगों की मदद से लोहे की रॉड को काटा गया और उसे एम्स के ट्रामा सेंटर ले जाया गया। युवक की स्थिति देख पहले तो डॉक्टरों को कुछ समझ में नहीं आया कि इसे कैसे बचाया जाए, लेकिन 15 डॉक्टरों की टीम ने छह घंटे की सर्जरी के बाद लोहे की रॉड को छाती से निकाल दिया। टीम का नेतृत्व करने वाले सेंटर के प्रमुख डा. एम. सी. मिश्रा ने बताया कि तीन दशक से भी अधिक अवधि में ऐसा मामला पहली बार सामने आया था।

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