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केंद्र ने शुरू किया सियासी खेल

सरकार ने देश में 6080 करोड़ रुपए की लागत से आठ नए अखिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आई आई टी) कहां खोले जाएंगे के प्रस्तावों को गुरुवार को मंजूरी दे दी तथा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी स्थित प्रौद्योगिकी संस्थान को आई आई टी प्रणाली में शामिल करने का फैसला किया। इसके साथ ही हिमालय के संरक्षण के लिए भारत-नेपाल करार व नकली दवाओं के कारोबार पर नकेल कसने के प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी। वित्त मंत्री पी.चिदम्बरम ने कहा कि महंगाई रोकने के उपायों का अब असर होने लगा है। मंत्रिमंडल की बैठक में भारत की छह और जी एस एल वी उड़ानों की योजना को मंजूरी दी गयी।ड्ढr ड्ढr इसके साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी। लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट का नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखने की मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। सरकार की इस कदम को अगले सप्ताह लोकसभा में पेश किए जाने वाले विश्वास मत के दौरान राष्ट्रीय लोकदल का समर्थन हासिल करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।आईआईटी के नए संस्थान बिहार,आंध्र प्रदेश,राजस्थान, उडीसा, गुजरात, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मध्यप्रदेश में खोले जाएंगे। प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए इस निर्णय की जानकारी वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने दी। उन्होने बताया कि हर संस्थान पर छह वर्ष में 760 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। मध्य प्रदेश के इन्दौर में आईआई टी खोले जाएंगे। मंत्रिमंडल ने हिमालय के पर्यावरण के संरक्षण के लिए भारत और नेपाल के बीच सहमति के करार को मंजूरी दे दी।

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