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राज्य विपणन पर्षद: समायोजन की संचिका फिर लौटी विभाग को

राज्य विपणन पर्षद के कर्मचारियों के समायोजन का ममला लटकता दिख रहा है। कई विभागों से टपला खाते हुए संचिका एक बार फिर कृषि विभाग को वापस कर दी गई है। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व विपणन पर्षद के विघटन के बाद इसके लगभग 1700 कर्मचारियों के कई सरकारी विभागों में समायोजन की बात थी। कृषि मंत्री नागमणि ने भी विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही पहली घोषणा यही की थी कि इन कर्मचारियों के साथ न्याय किया जायेगा। लेकिन अब तक इनका समायोजन नहीं किया जा सका।ड्ढr ड्ढr समझा जाता है कि अधिकारियों को कुछ बिन्दुओं पर आपत्ति है जिसको लेकर मामला अब तक अटका है। एक माह पूर्व प्रस्ताव कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेज दिया गया था। लेकिन वहां से कुछ आपत्तियों के साथ संचिका लौटा दी गई। प्रारंभ में भंग बाजार पर्षद और बाजार समितियों के कर्मचारियों व पदाधिकारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) देने का प्रस्ताव कैबिनेट से पारित हुआ था। वीआरएस योजना समाप्त होने के बाद बचे कर्मचारियों और पदाधिकारियों को विभिन्न विभागों या कार्यालयों में समायोजित किया जाना था। इसके लिए वित्त आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई। लेकिन तब यह भी निर्णय हुआ था कि जिन कर्मचारियों या पदाधिकारियों के लिए विभागों या कार्यालयों में उचित रिक्ित नहीं होगी, उन्हें तुरंत सेवामुक्त कर दिया जायेगा। ऐसे सभी कर्मियों को सिर्फ सेवान्त लाभ ही मिलेगा। कुछ ऐसे ही प्रावधानों में फंसे कुछ कर्मी अबतक बैठकर ही वेतन उठा रहे हैं।

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