अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

महिलाओं को चाहिए असलहा

नौकरी और कारोबार में पुरुषों के बराबर कदमताल कर रही महिलाएँ अब खुद की सुरक्षा के प्रति भी चौकन्ना हो चली हैं! वक्त-बेवक्त के लिए वे शस्त्र लाइसेंसों कीोरूरत महसूस कर रही हैं।ोिलाधिकारी कहते हैं कि व्यवसाय या नौकरीपेशा महिला को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस दिएोाएँगे। बशर्ते महिला के पति या साथ रह रहे परिवार के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामला र्दा न हो। कुछ महीनों के दौरान शस्त्र लाइसेंस के लिए पुलिस-प्रशासन के पास पहुँचे आवेदनों से ये संकेत मिले हैं। फिलहाल पुलिस-प्रशासन के पास एक हाार से अधिक महिलाओं के शस्त्र लाइसेंस के आवेदन लंबित हैं।ड्ढr इसोिले के मूल या दूसर शहरों से यहाँ आकर बस गए तकरीबन 25 हाार लोगों ने असलहों के लाइसेंस ले रखे हैं। हाारों के आवेदन लंबित हैं। इनमें से अधिकतर ने ‘शौक या स्टेट्स’ के लिए ही असलहे का लाइसेंस लिया है। लाइसेंस की माँग करने वाली यादातर महिलाओं के आवेदन पत्र में कारोबार या नौकरी करने का उल्लेख है। इन महिलाओं में अधिसंख्य गोमतीनगर, इंदिरानगर, एलडीए कालोनी कानपुर रोड, आशियाना, महानगर, आलमबाग में रहती हैं। इससे साफ है कि पुरुषों के साथ हर पेशे में बराबर की कदमताल करने वाली महिलाएँ अब सुरक्षा के लिए किसी पर आश्रित नहीं रहना चाहतीं। वह खुद मुख्तार बनना चाहती हैं।ड्ढr प्रभारी अधिकारी शस्त्र सांय कुमार सिंह का कहना है कि शस्त्र लाइसेंस चाहने वाली महिलाओं की संख्या में कुछ क्षाफा तो हुआ है। डीएम चन्द्रभानु का कहना है कि परिवार के सदस्यों के मुकदमों का आशय ये है कि कई बार पुलिस के दस्तावेों में आपराधिक रिकार्ड रखने वाले लोग पत्नियों के नाम से शस्त्र आवेदन भर देते हैं। अब शस्त्र लाइसेंसों के आवेदन पत्रों का ब्यौरा भी कम्प्यूटराइड कियाोा रहा है। ताकिोरूरत पड़ने पर तत्काल ब्यौरा उपलब्ध हो। ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: महिलाओं को चाहिए असलहा