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लखनऊ विवि में सीटें भर पाना मुश्किल

भी लखनऊ विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए होड़ मची रहती थी लेकिन अब विवि में सीटें भर पाना ही मुश्किल हो रहा है। गिने चुने प्रोफेशनल कोर्स के बाद अगर अयर्थियों ने प्रवेश के लिए किसी कोर्स में दिलचस्पी दिखाई है तो वह है बीकॉम, मगर इसमें भी विवि कुछ खास कॉलेाों से काफी पीछे हो गया है।ड्ढr यूपीटीयू में सीटें बढ़ने व आसानी से एडमिशन मिलने के कारण भी लविवि को इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। लविवि में पहलेोहाँ विज्ञान वर्ग की प्रवेश की मेरिट बामुश्किल नीचे खिसकती थी लेकिन इस बार बीएससी गणित (600 सीटों) को भरने के लिए करीब ढ़ाई हाार अयर्थी बुलाए गए फिर भी ग्यारह सीटें खाली रह गईं। बीएससी में नैनो टेक्नोलाॉी व मैटिरियल साइंस की पढ़ाई इसलिए बंद कर दी गई क्योंकि सिर्फ एक छात्र था। बीए ऑनर्स में 420 सीटों के लिए केवल 264 ही आवेदन आए। दो बार काउंसिलिंग होने के बाद भी मात्र 70 सीटें ही भर सकीं। बीए में प्रवेश के लिए पहले दिन 1352 अयर्थियों में से केवल 384 ही प्रवेश लेने आए। मगर चुनिंदा प्रोफेशनल कोर्स के लिए उम्मीद के अनुरूप आवेदन आए। बीबीए में 240 सीटों के लिए 3860 अयर्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया। बीसीए, पीाीडीसीए व एमसीए में भी दाखिले के लिए होड़ मची है। अन्य प्रोफेशनल कोर्स में उम्मीद से बहुत कम आवेदन आए हैं। हालत यह है कि एमबीए एग्री बिानेस में 11, एमबीए आरएमडी में 35, एमबीए टूरिम में 8 सीटें खाली ही रह गईं। पिछले साल इनमें दाखिले के लिए होड़ थी।ड्ढr पर्चा लीक प्रकरण से गिरी साख पेज-

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