अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पटना-बोधगया विकास के लिए 368 करोड़

पटना एवं बोधगया शहर के गरीबों की बुनियादी सुविधाओं के विकास पर 367.72 करोड़ रुपए खर्च होंगे। केन्द्र सरकार ने जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकृत मिशन (नुर्म) के तहत इसकी स्वीकृति दी है। इस राशि से दोनों शहरों की स्लम बस्तियों में रहने वालों के लिए आवास, जलापूर्ति, शौचालय समेत काम करने के स्थलों का विकास किया जाएगा। वैसे नुर्म के अन्तर्गत केन्द्र द्वारा सूबे के शहरी गरीबों के लिए बुनियादी सुविधा (बीएसयूपी) योजना के तहत वर्ष 2012 तक कुल रोड़ रुपए मिलने हैं। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक कार्रवाई कर रही है।ड्ढr ड्ढr नुर्म की राज्य स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी की बैठक के बाद सूबे के नगर विकास एवं आवास मंत्री भोला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्टीयरिंग कमेटी ने इस योजना के क्रियान्वयन को हरी झंडी दे दी है। इससे दोनों शहरों के गरीबों की आधारभूत संरचना के विकास के साथ ही गरीबी उन्मूलन में बड़ी मदद मिलेगी।उन्होंने बताया कि स्टीयरिंग कमेटी ने नुर्म के तहत राज्य स्तर पर प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) और पटना एवं बोधगया शहर के लिए प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) के गठन की स्वीकृति भी दे दी है। इसके गठन में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय एवं केन्द्रीय शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय के तहत तकनीकी सहायता के रूप में 60 फीसदी राशि प्राप्त होगी। इन दोनों एजेंसियों के गठन के लिए बिहार शहरी विकास अभिकरण (बूडा) आगे की कार्रवाई कर रहा है। बैठक के दौरान राजद के श्याम रजक एवं भाजपा के नितिन नवीन ने पटना एवं बोधगया की राशि को अन्य शहरों के विकास पर खर्च करने के विभाग के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया।उन्होंने कहा कि नुर्म के तहत जिस शहर के लिए राशि आवंटित है उसी शहर में खर्च हो। जमीन नहीं मिलने की शिकायत को उन्होंने दूर करने में सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में मुख्य सचिव आरजेएम पिल्लई, विकास आयुक्त एस विजयराघवन, नगर विकास की प्रधान सचिव एस जलजा, विधायक अरुण सिन्हा समेत पटना, दानापुर, फुलवारीशरीफ एवं खगौल निकाय के प्रमुख भी उपस्थित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पटना-बोधगया विकास के लिए 368 करोड़