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शंकराचार्य भी मानते हैं देशहित में है डील

पुरी के शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानन्द तीर्थ ने भारत और अमेरिका के बीच हो रहे असैन्य परमाणु समझौते को अविलम्ब किए जाने की वकालत करते हुए सभी राजनीतिक दलों से उसका समर्थन करने की अपील की है। शंकराचार्य ने शनिवार को एक बयान में कहा कि सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस परमाणु समझौते का समर्थन करना चाहिए पर सरकार को भी अमेरिका के साथ पुराने अनुभवों को ध्यान में रखते हुए समझौता करने में पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि वह देशहित में ही हो। उन्होंने सरकार, राजनीतिक दलों और बुद्धिजीवियों से अपील की कि वह परमाणु समझौते का तो समर्थन करें पर अमेरिका का ईरान पर हमला करने जैसी गतिविधियों का खुलकर विरोध करें। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ कोई भी समझौता बराबरी के स्तर से होना चाहिए, घुटने टेककर नहीं। स्वामी अधोक्षजानन्द तीर्थ ने बताया कि देश के चार अशांत क्षेत्रों में राष्ट्रीय एकता और साम्प्रदायिक सद्भाव बनाने के लिए महायज्ञ और सद्भावना सम्मेलन करने के कार्यक्रम के तहत दूसरा सम्मेलन गुवाहाटी में 8 से 15 सितम्बर तक कामेश्वरी महायज्ञ और सद्भावना सम्मेलन के नाम से आयोजित किया जाएगा जिसमें सभी धमोर्ं के धर्माचार्य, सन्त, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। उन्होंने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य देश में साम्प्रदायिक उन्माद फैला रही शक्ितयों को रोकना और नवयुवकों को राष्ट्र विकास की मुख्य धारा से जोड़ना है। जम्मू में 7 से 15 मई तक आयोजित पहले सम्मेलन की अपार सफलता से उत्साहित शंकराचार्य ने बताया कि गुवाहाटी के बाद तीसरा सम्मेलन मुंबई में और चौथा रामेश्वरम में आयोजित किया जाएगा। जम्मू में आयोजित सम्मेलन में केन्द्रीय मंत्री शंकर सिंह वाघेला, जम्मू-कश्मीर के कई मंत्री, हजारों श्रद्धालु और सैन्य कर्मी शामिल हुए थे।

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