DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कमचाोर तंत्र से चाानवर खतर में

वन्योीवन बचाने के लिए शनिवार को हुई वर्कशॉप में वक्ताओं ने कहा कि कमाोर पुलिसिया सूचना तंत्र के चलतेोंगलीोानवरों कीोानेंोा रही हैं।ोंगलीोानवरों की तस्करी बढ़ रही है।ोंगल के हरोानवर की अंतरराष्ट्रीय बार में एक कीमत लगा दी गई है। इसे रोकने के लिए संयुक्त प्रयास किएोाने चाहिए। यह तय किया गया कि इस प्रकार की वर्कशॉप हर छह महीने में कीोाएगी ताकि कोई हल निकालाोा सके। इस बात परोोर दिया गया कि नेपाल और भारत को वन्योीव सम्बन्धी सूचनाएँ आपस में बाँटनी चाहिए।ड्ढr डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने गोमती होटल में वन्योीवन बचाने के बार में गोष्ठी की। इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के वन्य विभाग, पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स और नेपाल सरकार के अफसरों ने हिस्सा लिया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ केोनरल सेक्रेटरी रवि सिंह ने नेपाल और भारत में वन्योीवन को बचाने के लिए उच्च स्तरीय नीति बनाएोाने परोोर दिया। बाघों को बचाने के लिए उत्तर प्रदेश के प्रयासों को वन्य विभाग मुखिया बीके पटनायक ने विस्तार से बताया। टाइगर कांव्रेशन सोसायटी बनाने के लिए सात करोड़ रुपए दिए गए हैं। उन्होंने कहा किोंगलीोानवरों की तस्करी होती है और उसकी सूचना पुलिस को बहुत कम लग पाती। वन्योीवों की खाल, बाल, दाँत, हड्डी इन सब की तस्करी के लिए रास्ता भारत और नेपाल का चुनाोाता है। इसका सीधा मतलब पुलिस का सूचना तंत्र कहीं न कहीं कमाोर है।ड्ढr पुलिस अधिकारियों ने पकड़े गए अपराधियों का ब्योरा पेश किया और बताया कि करीब आधा र्दान वन्य अपराधियों को चिह्न्ति किया गया है और उन पर लगातार नार रखीोा रही है। इस वर्कशॉप में नेपाल सरकार के संयुक्त सचिव श्याम बामाया, नेपाल के शुक्ला फेंटा सेंचुरी के मुख्य वार्डन गोपाल उपाध्याय, रिांीन शेश्था ने नेपाल सरकार द्वारा किए गए प्रयासों को बताया और सहयोग देने का वादा किया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कमचाोर तंत्र से चाानवर खतर में