अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

डेढ़ हजार अफसरों और कर्मियों की होगी छुट्टी

विघटित कृषि विपणन पर्षद (मार्केटिंग बोर्ड)और बाजार समितियों के लगभग डेढ़ हाार अधिकारी और कर्मचारी हटाये जायेंगे। अधिकारियों ने जो फर्मूला तय किया है, उससे लगभग मात्र दो सौ कर्मचारियों का ही समायोजन हो पायेगा। इसके पूर्व वित्त आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी द्वारा 1710 अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित बताते हुए इनके समायोजन की अनुशंसा की गई थी। लेकिन अब विभाग ने नये फार्मूले के अनुसार लगभग 212 कर्मियों की ही सूची बनाकर कृषि मंत्री नागमणि के पास भेजी है। अब कमिर्यों की निगाहें मंत्री पर टिकी हैं।ड्ढr ड्ढr समायोजन के लिए जो फार्मूला तय हुआ है उसमें सबसे अहम सवाल यह है कि कर्मचारी की बहाली के समय विज्ञापन प्रकाशित हुआ था या नहीं? तब आरक्षण के नियम का पालन किया गया था या नहीं? जिनके मामले में इन सवालों का जवाब ‘हां’ है उन्हीं की नियुक्ित सही मानी गई। लेकिन ऐसे कर्मचारियों की संख्या लगभग दो सौ ही है। पर्षद में अनुकंपा के आधार पर और भूमि देने के एवज में बहाल कर्मियों की संख्या अधिक है। जानकार बताते हैं कि ऐसी बहालियों के लिए विज्ञापन निकालने का प्रावधान नहीं है, इसके लिए रोस्टर बिन्दु भी तय नहीं किये जाते। लिहाजा इन कर्मचारियों का जवाब उपरोक्त सवालों के लिए ‘ना’ है। इसलिये इनका नाम समायोजन के लिए बनी सूची में होने का सवाल ही नहीं है। इसके पूर्व मुख्यमंत्री कपरूरी ठाकुर की पहल पर बहाल किये गये चेकपोस्टों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी विज्ञापन नहीं निकाला गया था। अब उन्हें भी अपना बोरिया-बिस्तर बांधना होगा। वित्त आयुक्त की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने 1710 अधिकारियों और कर्मचारियों के विभिन्न सरकारी विभागों में समायोजन की सूची भी बनाई थी। लेकिन ‘प्रशासनिक पेंच’ में फंसे इन कर्मचारियों की नौकरी पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: डेढ़ हजार अफसरों और कर्मियों की होगी छुट्टी