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कच्चे तेल और विश्वास मत पर बाजार की निगाहें

देश के शेयर बाजारों की चाल आगामी सप्ताह कच्चे तेल की धार और सरकार के विश्वास मत के परिणाम पर निर्भर करेगी। उधर बीते सप्ताह के आखिरी दो कारोबारी दिवसों में मिले जोरदार समर्थन से बम्बई शेयर बाजार (बीएसई) का सेंसेक्स 166 अंक तथा नेशनल स्टाक एक्सचेंज (एनएस) का निफ्टी 43 अंक ऊंचे बंद हुए। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि 22 जुलाई को केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के विश्वास मत हासिल करने के बाद राजनीतिक अनिश्चितता का दौर समाप्त हो जाएगा। उधर यदि कच्चे तेल के दाम बीते सप्ताह की तरह पिघलते रहे तो बाजार को समर्थन मिलने की पूरी-पूरी संभावना है। दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोब कैपीटल मार्केट लिमिटेड के प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल का मानना है कि आगामी सप्ताह बाजार के अच्छा रहने की उम्मीद है। अग्रवाल मानते हैं कि जिस तरह से कच्चे तेल के दामों में पिछले एक सप्ताह के दौरान झटका लगा है, यदि ऐसा ही रुख आगामी सप्ताह भी बना रहा तो निश्चित रुप से बाजार को इसका फायदा मिलेगा। अग्रवाल का कहना है कि यदि संप्रग सरकार विश्वास मत हासिल कर लेती है तो इससे राजनीतिक अनिश्चितता भी समाप्त होगी। यह बाजार के लिए काफी सकारात्मक रहेगा। उधर बीते सप्ताह महंगाई की दर में 0.02 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी ने भी बाजार को कुछ राहत प्रदान की है, क्योंकि पिछले कई सप्ताह से महंगाई की दर की तीव्र वृद्धि शेयर बाजारों पर भारी पड़ रही थी। गत सप्ताह कच्चे तेल की कीमतें एक हफ्ते पहले के 147.27 डालर प्रति बैरल की तुलना में 12 प्रतिशत से अधिक गिरकर 12डालर प्रति बैरल के आसपास रह गई।

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