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सेना ने अजरुन टैंक के संयुक्त परीक्षण की मांग ठुकराई

सेना ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआडीओ) के उस सुझाव को ठुकरा दिया है, जिसमें उसने स्वदेश निर्मित टैंक अजरुन से जुड़ी परियोजना को जारी रखने के लिए टैंक के संयुक्त परीक्षण का प्रस्ताव दिया था। सेना ने डीआरडीओ के उस प्रस्ताव पर भी कोई स्पष्ट बात नहीं कही, जिसमें अर्जुन टैंक की टी-0 टैंक से बिंदुवार तुलना किए जाने की बात कही गई थी। सेना अभी टी-0 टैंकों का उपयोग कर रही है। सेना ने पहले ही कह दिया है कि वह पहले हुए समझौते के अनुसार केवल 124 अजरुन टैंक ही खरीदेगी। सेना अजरुन टैंक के किए गए परीक्षण के दौरान उसके प्रदर्शन से खुश नहीं है। सेना का कहना है कि अजरुन टैंक केवल पांच से 10 वर्ष तक ही बेहतर सेवा दे सकते हैं, जबकि सेना वास्तव में ऐसे टैंक की ओर देख रही है जो 20 वर्ष तक काम कर सके। सेना ने संसदीय समिति को बताया था कि सर्दियों में हुए परीक्षण के दौरान अजरुन टैंक असफल रहा। सेना ने टैंक के इंजन में खराबी, तोपखाने की नियंत्रण प्रणाली में कमी, अचूकता में कमी और रणनीतिक स्थानों खासकर रेगिस्तानों में कम गति और 50 डिग्री सेल्यिस से अधिक तापमान पर इनके संचालन में अयोग्यता का उल्लेख किया था। डीआरडीओ ने परीक्षण के बाद सेना द्वारा कमी बताए जाने पर टैंक के इंजन के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई थी। रक्षा राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी इस आशंका की ओर संकेत किया था।

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  • Web Title: अजरुन टैंक का संयुक्त परीक्षण नहीं करेगी सेना