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दोहा का गतिरोध दूर करने का होगा प्रयास

व्यापार नीतियों के उदारीकरण और अन्य मुद्दों पर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के 30 से अधिक देशों के वाणिज्य मंत्री यहां सोमवार से शुरू होने वाले सम्मेलन में भाग लेंगे। दोहा सम्मेलन पर मंथन करने के साथ ये देश यूएस में नई सरकार के आने से पहले खुली विश्व व्यापार नीति पर आम राय बनाना चाहेंगे। दोहा में बेनतीजा रही समझौता वार्ता के करीब 7 साल बाद, विभिन्न देशों के इन मंत्रियों की मंशा दोहा सम्मेलन के अन्तर्गत तैयार वैश्विक-व्यापार से संबंधित मसौदे की कमियों को दूर करने की है। दोहा की राजधानी कतर में ये मसौदा 2001 में काफी उम्मीदों के साथ जारी किया गया था, लेकिन डब्ल्यूटीओ के नेतृत्व में हुए समझौते में कई गतिरोध सामने आए। कृषि सहित अन्य उत्पादों पर छूट देने की नीति को कई विकसित व विकासशील देशों ने गंभीरता से नहीं लिया। समझौते को सफल बनाने के लिए जरूरी है कि डब्ल्यूटीओ के कम से कम 152 सदस्यों का समर्थन इसे हासिल हो।ड्ढr जिनेवा में एकत्र होने वाले प्रतिनिधि इस बात से भी भली-भांति वाकिफ हैं कि अगले वर्ष जनवरी तक यूएस में नई सरकार का आगाज हो चुका होगा और स्वतंत्र व्यापार नीतियों को लेकर उसके रुख के बार में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश भी समझौते की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। नई सरकार के लिए इसे निरस्त करना मुश्किल हो जाए इसलिए वह इसमें कुछ बाध्यकारी प्रावधान चाहते हैं। यूरोपियन संघ भी अपनी एकता को प्रदर्शित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। संघ के मुख्य वार्ताकार पीटर मेंडलसन और फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सर्कोजी के बीच मसौदे के लेकर विरोधाभास है। सर्कोजी के अनुसार डब्ल्यूटीओ समझौते के लिए अभी उपयुक्त समय नहीं है।

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