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परिवार कल्याण में समस्तीपुर व वैशाली अन्य जिलों से आगे

परिवार कल्याण ऑपरेशन में समस्तीपुर एवं वैशाली जिले ने अन्य जिलों को काफी पीछे छोड़ दिया है। कभी सैकड़ा अंक छूने के लिए सरकारी अमले को मशक्कत कराने वाले इन जिलों ने अब दस हजारी अंक छू लिया है। हालांकि सूबे में अब एक भी ऐसा जिला नहीं है जहां पिछले वर्ष परिवार कल्याण के एक हजार से कम ऑपरशन हुए हों। प्रदेश की इस उपलब्धि पर केन्द्र सरकार ने राज्य को बधाई दी है। वर्ष 2004-05 में पूर वर्षमें प्रदेश में परिवार कल्याण के मात्र 88 हजार ऑपरशन हुए थे जबकि पिछले वित्तीय वर्ष (2007-08) में वह आंकड़ा 3 लाख पर पहुंच गया।ड्ढr ड्ढr अररिया जिला के फारबिसगंज रफरल अस्पताल में तो ऑपरशन कराने आये भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस तक का सहारा लेना पड़ा है। यह उपलब्धि प्राप्त करने में सरकार के एक निर्णय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। अक्तूबर 2007 से हर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में प्रत्येक सप्ताह परिवार कल्याण का कम से कम एक कैम्प लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। अनुमंडल एवं जिला अस्पतालों में तो ऑपरशन नियमित कर दिया गया है। परिवार कल्याण करवाने वालों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि करने से भी काफी असर पड़ा है। निजी अस्पतालों में ऑपरशन कराने वालों को भी प्रोत्साहन राशि देने के निर्णय ने आंकड़ा बढ़ाने में काफी योगदान दिया है। वर्ष 2007-08 समस्तीपुर में 18672, वैशाली में 16734, गया में 13781, पूर्णिया में 1343बेगूसराय में 1228भागलपुर में 12008, दरभंगा में 11पटना में 11273, मधुबनी में 10884, छपरा में 10470 और औरंगाबाद में 10042 परिवार कल्याण ऑपरशन हुए। शिवहर में सबसे कम 1065, बक्सर में 1466 और लखीसराय में 1724 ऑपरशन हुए हैं।

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