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एसटीपी की बाउंड्री बननी शुरू

पुलिस के कड़े पहर में भरवारा में रविवार को सीवे ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की चहारदीवारी खींचने का काम शांति पूर्वक हो गया। एसटीपी बना रही मुंबई की संस्था ने भी भूमि का परीक्षण कराया। मन मुताबिक मुआवाा न मिलने से मायूस किसानों केोख्म पर कई सियाली दलों ने मलहम भी लगाया। मुआवो के लिए धरना दे रही क्षेत्रीय किसान संघर्ष समिति ने डीएम से विस्थापितों को अलग से 30 फीसदी राहत देने की अपील की।ड्ढr कार्यदायी संस्थाोल निगम के परियोना प्रबंधक एके मित्तल ने बताया कि प्रशासन व पुलिस बल की मदद से दूसर दिन चहारदीवारी बनाने के लिए नींव खोदने का काम हो सका। मुंबई की हाइड्रो एयर इलेक्िट्रकल भीोमीन के नमूने का परीक्षण किया। उन्होंने बताया कि एसटीपी बनाने के लिए 126 करोड़ में 34 करोड़ रुपए मिले हैं। इसमें छह करोड़ रुपए पहले चरण का काम पूरा करने के लिए निाी संस्था को दिए गए हैं। उन्होंने इस आशंका को बेबुनियाद बताया कि एसटीपी से उठने वाली बदबू सेोनाीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।ड्ढr मुआवाा न मिलने से नाराा क्षेत्रीय किसान संघर्ष समिति का धरना ौसोरा चौराहे के समीप दूसर दिन भीोा रहा। उन्हें तसल्ली देने के लिए सपा से पूर्व विधायक राोन्द्र यादव, मोहनलालगां लोकसभा सीट की भावी प्रत्याशी सुशील सरो, और भाापा के पूर्व विधायक गोमती यादव भी पहुँचे। सभी ने 22ोुलाई के बाद इस मुद्दे परोिला प्रशासन को घेरने का ऐलान किया। समिति के नेता शंभूनाथ ने आरोप लगाया कि अपरोिलाधिकारी-भूमि अध्याप्ति एक साल पहले सात लाख रुपए के बैनामे के आधार पर मुआवाा तय करने से इनकार कर रहे हैँ। इसके अलावा मुआवो में ही विस्थापित होने की 30 फीसदी रकम को भी शामिल कर दे रहे हैं।

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