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बीडीओ, बीएओ की गिरफ्तारी का आदेश

डीएसपी परवेज अख्तर ने बहादुरपुर प्रखंड में इंदिरा आवास की राशि गबन के मामले में बीडीओ वीणा प्रसाद, बीएओ हरिशंकर सिंह एवं लहेरियासराय प्रधान डाकघर के उपडाकपाल अमीर साह सहित कई लोगों की गिरफ्तारी का आदेश दिया है। डीएसपी ने बताया कि पंचायत सेवक ने जिस तिथि में लाभुकों का सत्यापन किया उससे पूर्व की तिथि में ही बीडीओ ने इंदिरा आवास की स्वीकृति दे रखी है। इंदिरा आवास की राशि स्वीकृत किए जाने से लेकर फर्जी खाता खोले जाने और निकासी तक सभी अभियुक्तों की मिलीभगत रही है। उधर, इस संबंध में बीडीओ वीणा प्रसाद से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर बातचीत न हो सकी।ड्ढr ड्ढr जिले के प्रभारी मंत्री भोला सिंह ने 20 मई को बहादुरपुर प्रखंड की खैरा पंचायत के जलोखर गांव में जांच के बाद इंदिरा आवास के लाभुकों के नाम पर डाकघर से फर्जी निकासी का भंडाफोड़ किया था। उन्होंने तत्काल पंचायत सचिव जगदीश सिंह को पुलिस के हवाले करते हुए बीडीओ सहित अन्य अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश डीडीसी को दिया था। हालांकि नाटकीय ढंग से बीडीओ वीणा प्रसाद कांड वादी बन गये। इस संबंध में बहादुरपुर थाना में दर्ज प्राथमिकी (सं. 08) की सघन जांच के बाद डीएसपी ने पूर मामले में नामजद बीएओ हरिशंकर सिंह, बिचौलिया प्रम साह, रामभरोसे के अलावा अप्राथमिकी अभियुक्त बीडीओ वीणा प्रसाद, उपडाकपाल अमीर साह, प्रखंड लिपिक प्रणव प्रखर एवं संबंधित हलका कर्मचारी को भी दोषी पाया। ड्ढr ढिबरी की रोशनी में रात गुजार रहे लोगड्ढr सहरसा(हि.टी.)। पूरे कोसी क्षेत्र में इन दिनों बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। कहीं पांच घंटे तो कहीं सात घंटे। लोग ढिबरी की रोशनी में रात गुजारने को विवश हैं। इस संबंध में जिले के अधिकारी बस एक ही बात दुहराते हैं कि ऊपर से ही बिजली कम मिल रही है। कोसी प्रमंडल के सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिलों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गयी है। शाम ढलते ही सम्पूर्ण प्रमंडल अंधकार में डूब जाता है। आवश्यकता से कम मेगावाट आपूर्ति होने से यह समस्या उत्पन्न हुई है। सहरसा और सुपौल जिलों में 18-18 मेगावाट की जगह 4 से 5 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है। ऐसी ही स्थिति मधेपुरा जिले की है। जिले में दिन में तो आपूर्ति ठीक रहती है लेकिन रात में नहीं मिलती है। लोड शेडिंग के कारण शाम में बिजली गायब हो जाती है। शहरवासी अनियमित आपूर्ति से परशान हैं। बारिश के मौसम में पूर्णिया को बिजली भी दगा दे गयी है। पूर्णिया को औसतन 35 मेगावाट बिजली चाहिए किन्तु अभी मुश्किल से 15 मेगावाट ही मिल पाती है और इसमें भी विद्युत आवंटन कभी-कभी जीरो पर चला जाता है। अररिया जिला को फिलवक्त 5 मेगावाट बिजली मिल रही है। जिस कारण जिलावासियों को औसतन लगभग 15 घंटे बिजली मिल जाती है।

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