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विरोधी हों या समर्थक, सबकी जुबां पे गुरुचाी

एटमी डील से देश की राजनीति में उठे भूचाल के केंद्र में इन दिनों झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरन हैं। विरोध के स्वर में भी गुरुाी हैं तो समर्थन के स्वर में भी। कोई उनकी आलोचना कर रहा है, तो कोई प्रशंसा। परोक्ष-अपरोक्ष रूप से यह बात साफ हो गयी है कि झामुमो यूपीए के साथ है, पर इसका ढांचा क्या होगा यह साफ नहीं। जो भी बातें सामने आ रही हैं, उन्हें प्रिडिक्शन से ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। झारखंड नहीं, अपने लिए बारगेन किया : नामधारीड्ढr पूर्व स्पीकर इंदर सिंह नामधारी ने कहा है कि झामुमो प्रमुख शिबू सोरन ने झारखंड के लिए नहीं अपने लिए बार्गेन किया है। सोरन को यह बताना चाहिए कि किन कारणों से वे तीन दिन तक अज्ञातवास में थे।ड्ढr इस बार सोरन ने झारखंड के साथ अच्छा छलावा किया है। नामधारी ने शिबू से कहा है कि पूरा देश उनकी (सोरन) की बाजीगरी देख रहा है। बकौल नामधारी यूपीए को समर्थन देने के सवाल पर झारखंड का इतना हित चाहते थे, तो शुरू में ही ये मांगे कांग्रेस के सामने रख देते। बोकारो - रांची से ही मांग पत्र दिल्ली भेज देते। सोरन के इस रुख पर कांग्रेस उनके दरवाजे पर ( बोकारो- रांची) में ही होती। लेकिन सोरन ने डील करने का अच्छा तरीका निकाला। झामुमो सांसदों को संदेशवाहक बनाकर सोरन ने झारखंड के नाम को आगे कर दिया।ड्ढr जनता सब देख रही है यह नहीं भूलना चाहिए। सोरन को सार्वजनिक करना चाहिए कि तीन दिन तक वे कहां छुपे रहे और अचानक प्रकट कैसे हुए। झारखंड के प्रति इतनी हमदर्दी है, तो वादा करं कि महीने- दो महीने में (टाइमफ्रेम) मांगे नहीं मानी गयी, तो पद भी छोड़ेंगे और यूपीए से अलग हो जायेंगे। नामधारी ने कहा है कि झामुमो ने पक्का सौदा करने में लोहा जरूर मनवा दिया। एटमी डील के नाम पर यह कैसा डील हुआ, इसे झारखंड की जनता ध्यान में रखेगी।ड्ढr झामुमो का चरित्र बिकने का रहा है : पीएन सिंहड्ढr झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पीएन सिंह ने कहा है कि झामुमो का चरित्र ही बिकने का रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव के समय से शुरू हुई बिकने की कहानी मनमोहन सिंह के कार्यकाल तक जारी रही है। उन्होंने कहा है कि शिबू सोरन ने सोनिया गांधी के समक्ष मांग पत्र रख कर झारखंड की जनता की आंखों में धूल झोंका है। क्योंकि मांग पत्र पर मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी द्वारा कोई सकारात्मक पहल के बगैर ही झामुमो द्वारा विश्वासमत के समर्थन की घोषणा किये जाने से सारी कलई खुल गयी है।ड्ढr उन्होंने कहा कि भाजपा को गुरुाी के स्टैंड पर कोई आश्चर्य नहीं हुआ है। प्रदेश भाजपा महामंत्री दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा है कि शिबू सोरन को झारखंड के विकास को लेकर इतना ही दर्द था तो उन्होंने केंद्र के समक्ष जो मांग पत्र इस वक्त रखा है, वह पहले क्यों नहीं रखा। इसी से झामुमो और कांग्रेस के बीच हुए डील का भी खुलासा हो रहा है। विधायक सत्यानंद भोक्ता ने कहा है कि झामुमो ने राज्य की जनता को मूर्ख बनाने की कोशिश की है।ड्ढr जनता भी चुनाव में झामुमो को इसका जवाब देगी। चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष समर सिंह ने कहा है कि गुरुाी ने खुद के लिए मंत्री पद और पुत्र के लिए डिप्टी सीएम का जो समझौता किया है, जनता फिलहाल उनकी इस सौदेबाजी को झेलने के लिए अभिशप्त है।

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