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करोड़ों की योजना की मॉनिटरिंग की व्यवस्था नहीं

आरइओ के अंतर्गत राज्य संपोषित योजनाओं से बन रही ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता की जांच नहीं हो रही है। इांीनियर और ठेकेदार मनमानी कर रहे हैं। क्वालिटी कंट्रोल के लिए कोई मॉनिटरिंग एजेंसी नहीं है। राज्य स्तर पर कोई क्वालिटी कोऑर्डिनेटर भी नहीं है।ड्ढr विभाग में दिखाने को क्वालिटी कंट्रोल के लिए रांची, हाारीबाग, चक्रधरपुर, दुमका और डालटनगंज में लैब बने हैं लेकिन संसाधनों और उपकरणों के अभाव में ये बेकार है। राज्य संपोषित योजना का बजट 258 करोड़ का है। जून तक मात्र 33.16 करोड़ ही खर्च हुए हैं। नन प्लान में 40 करोड़ के विरुद्ध 33 करोड़ खर्च किये गये। इसमें भी ज्यादातर खर्च सड़कों की मरम्मत पर हुआ। 156योजनाओं में से जून 08 तक 1155 पूरी की गयी। इनमें से कितनी योजनाओं की गुणवत्ता जांच की गयी, इसका कोई जिक्र नहीं है।ड्ढr सलामी दिवस अब तीन कोड्ढr राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ‘आइवेग ’ का सलामी दिवस 27 जुलाई के बजाय अब तीन अगस्त को मनाया जायेगा। आइवेग की रविवार को हुई बैठक में 27 जुलाई को वर्मण कांप्लेक्स में कार्यकारिणी की बैठक करने और तीन अगस्त को मेकी रोड स्थित राजकलस भवन में सलामी दिवस समारोह का आयोजन करने का निर्णय लिया गया।

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