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लगभग एक हजार गांव बाढ़ की चपेट में

उत्तर प्रदेश में पिछले दो सप्ताह से हो रही तेज बरसात से पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग एक हजार गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं तथा लोगों ने बांध के तटों और सड़क किनारे शरण ले रखी है। राय में पिछले 24 घंटे में वर्षा जनित हादसे से चार लोगों की मौत हुई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बस्ती जिले में घाघरा नदी खतरे के निशान से 44 सेंटीमीटर उपर बह रही है। नदी के बढ़ाव को देखते हुए सैफाबाद और कलवारी बांध की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। घाघरा नदी की बाढ़ से हरैया तहसील के अखंडपुर, माझा, किता, अव्वल, मडना, पिपरी, सीतारामपुर समेत एक सौ से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। घाघरा का जल महूघाट और गोरथनिया के बीच पूरब की आेर तेजी से बढ़ रहा है जिससे 15 किलोमीटर क्षेत्र में बसे गांवों पर बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। भारी बरसात से बस्ती तहसील में मकान गिरने से दो लोगों की दबकर मौत हो गई। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवार को एक-एक लाख रूपए की अनुग्रह राशि दी है। बहराइच के कैसरगंज और महसी तहसील से सौ गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है तथा वर्षा जनित हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। सिद्धार्थनगर से मिली रिपोर्ट के अनुसार गोरखपुर मंडल के संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया और कुशीनगर में घाघरा, राप्ती, गंडक, नारायणी और गोर्रा नदी उफान पर है तथा आठ सौ से यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। गांवों के जलमग्न हो जाने से हजारों लोगों ने बांधों के तटों पर तथा सड़क किनारे शरण ली है। तेज बरसात के कारण बांधों के मरम्मत के काम में बाधा आ रही है।

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