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इनकम टैक्स भुगतान की नई सुविधा

देश में आयकर डिफाल्टरों की संख्या कम नहीं है। लेकिन सरकार चाहती है कि आप ईमानदार हैं तो कम से कम इनकी श्रेणी में आने से बच जायें। अन्यथा आप भी भारी अर्थदंड के भागीदार हो सकते हैं। लिहाजा, आयकर विभाग ने सभी प्रमुख शहरों में आयकर रिटर्न जमा करने के सुविधा काउंटरों के साथ ही पहली बार बैंक काउंटरों की भी सुविधा उपलब्ध कराई है। इनमें आप रिटर्न जमा करने के आखिरी समय तक सोच विचार कर लगे हाथ आयकर जमा कर सकेंगे। आयकर विभाग की ओर से आप आगामी 31 जुलाई तक अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। रिटर्न दाखिल न करने पर बकाया कर पर एक फीसदी मासिक अर्थदंड के साथ आपका रिटर्न जमा होगा। बैंक काउंटरों की सुविधा इसलिए है क्योंकि नौकरी-पेशा लोगों के लिए सिर्फ टीडीएस यानी स्रेत पर कर कटौती पर्याप्त है। आय में नौकरी से हासिल आय के अलावा अचल (इममूवेबल प्रॉपर्टी) परिसंपत्ति से सामान्य कमाई के अलावा उसके विक्रय से हासिल पूंजी पर कैपिटल गेन टैक्स का भी दायित्व होता है। इस आय को कई टीडीएस के बाद हासिल फार्म 16 नहीं दर्शाता। वैसे आयकर विभाग के नियम के मुताबिक फार्म 16 देने वाली कंपनी को किसी भी करदाता के लिए ये सारी जानकारियां मुहैया करना अनिवार्य है। मुख्य आयकर आयुक्त लक्ष्मी प्रसाद और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के प्रवक्ता शिशिर झा ने बताया कि दिल्ली में 22 से 25 जुलाई के बीच र्नि मयूर भवन में जमा होंगे जबकि 28 से 31 जुलाई के दौरान प्रगति मैदान में विशेष व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। रिफंड जल्द हासिल करने के लिए आयकर दाताओं को पैन, पूरा पता, बैंक खाता व शाखा नाम एमआईसीआर कोड (चेक बुक के सबसे दाहिनी ओर दी गई अंकों की संख्या) और नियोक्ता की कर कटौती खासा संख्या लिखना जरूरी है।ड्ढr

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