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राजनीतिक कार्यकर्ता बन गये हैं पीडीएस दुकानदार

अर्थशास्त्री प्रो रमेश शरण ने कहा है कि पीडीएस दुकानदारों को राजनीतिक कार्यकर्ता बनाया जा रहा है। सीएजी का मानना है कि पीडीएस की दुकानें सही तरीके चलायी जाये, तो दुकानदार को माह में सिर्फ 358 रुपये का ही फायदा होता है।ड्ढr वे सोमवार को एसडीसी में पैरवी और केयर के संयुक्त तत्वावधान में हुए भोजन के अधिकार विषयक कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दुकानों के निरीक्षण के लिए गठित विजलेंस कमेटी के सदस्य पीडीएस दुकानदारों के रिश्तेदार होते हैं या फिर जान पहचान वाले। इससे बड़ी कंपनियों को फायदा हो रहा है। इसे रोकने के लिए सिविल सोसाइटी को आगे आना होगा।ड्ढr सुप्रीम कोर्ट के आयुक्त के सलाहकार बलराम ने कहा कि झारखंड में भोजन के अधिकार की स्थिति खराब है। इसका कारण सरकार में इच्छा शक्ित का नहीं होना है।ड्ढr भारत ज्ञान विकास समिति के गुराीत सिंह ने कहा कि मीड डे मिल योजना को सेंट्रलाइज करने का प्रयास किया जा रहा है। विधानसभा में पिछले दो सत्रों में मीड डे मिल को लेकर एक भी सवाल नहीं उठाया गया।ड्ढr पैरवी के डायरक्टर अजय झा ने कहा कि खाद्यानों का उत्पादन तीन गुणा बढ़ने के बावजूद गेहूं के मूल्य में 130 फीसदी की वृद्धि हुई है। चावल का मूल्य दोगुना हो गया है। इसका फायदा मल्टी नेशनल कंपनियां उठा रही हैं। केयर के सुजीत रांन और सिन्नी के डॉ सुरांन ने आइसीडीएस कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

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