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जॉब कार्ड दबाकर रखने वालों पर एफआईआर

अब इस बात की जांच होगी कि किन लोकसेवकों और जन प्रतिनिधियों ने मजदूरों का जॉब कार्ड दबा रखा है। सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि छापेमारी करं और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं जिन्होंने जॉब कार्ड दबा रखा है। यह निर्देश ग्रामीण विकास मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा ने दिया है। सूत्रों की मानें तो ग्रामीण विकास विभाग को ऐसी शिकायतें मिली हैं कि मजदूरों के नाम पर फर्जी तरीके से जॉबकार्ड बनवाकर उसका गलत इस्तेमाल हो रहा है।मस्टररोल में फर्जीवाड़ा की शिकायतें पहले भी विभाग के अफसरों ने पकड़ी हैं। अधिकारी मानते हैं कि नया बनने वाला जॉब कार्ड पुराने जॉब कार्ड की तुलना में फुलप्रूफ होगा। 36 पन्नों के इस नए मल्टीकलर जॉब कार्ड में निबंधित परिवार से संबंधित पूरा ब्योरा होगा।ड्ढr ड्ढr मसलन मस्टररोल की संख्या, कितनी मजदूरी दी गयी, बेरोजगारी भत्ता, डाकघर और बैंक का खाता नंबर, मतदाता सूची और फोटो पहचान पत्र में अंकित नंबर और परिवार के वयस्क सदस्यों की फोटो भी होगी। इसके अलावा परिवार के सदस्यों और रोजगार कार्ड की संख्या, जिला, प्रखण्ड, ग्राम पंचायत और गांव का कोड नंबर भी होगा। परिवार द्वारा मांगे गए रोजगार, कौन सा काम दिया गया और किस तिथि को दिया गया, इसका भी ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इतने सार ब्योर के दर्ज होने के बाद मजदूरों के नाम पर जॉब कार्ड का फर्जीवाड़ा आसान नहीं होगा।

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