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तब मैं नाबालिग था

मुंबई पर 26 नवंबर को हुए आतंकी हमले के दौरान जिंदा पकड़ा गया पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब शुक्रवार को अदालत में अपने इकबालिया बयान से मुकर गया। उसने कहा कि पुलिस ने उससे जबरन बयान लिया है और उसे यातना भी दी गयी थी। इसके साथ ही कसाब ने अर्जी देकर कहा कि हमले के समय वह नाबालिग था। इसलिए मुकदमा बाल कोर्ट में चलाया जाये। मगर विशेष न्यायाधीश एम.एल. तहिलियानी ने उसकी अर्जी खारिा कर दी।ड्ढr कसाब पर मुकदमे की सुनवाई के पहले दिन अदालत में काफी नाटकीय माहौल रहा। बयान पढ़ने के बाद बचाव पक्ष के वकील एस.जी. अब्बास काजमी ने कसाब की ओर से अर्जी पेश की जिसमें उसने हमले के दिन खुद को नाबालिग बताया और कसाब की ओर से कहा गया कि अदालत में उसका जो बयान पेश किया गया है वह पुलिस ने उससे जबरन लिया था। लेकिन निकम ने कहा कि कसाब झूठ बोल रहा है।ड्ढr कश्मीर की लड़ाई : इस मामले की सुनवाई के दौरान शुक्रवार को विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम ने कसाब के इकबालिया बयान को पढ़कर सुनाया। इसके 12वें नंबर के पन्ने पर कसाब का बयान है कि उससे लश्कर तोएबा के प्रमुख हफीा सईद और जकी-उर-रहमान लखवी ने कहा था, ‘हमें कश्मीर की आजादी के लिए लड़ना है। हम 15 साल से लड़ रहे हैं।’

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