अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

संक्षिप्प्त खबर

बैठक आजड्ढr अनुसूचित जनजाति को मिलने वाले आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रीय सरना समिति ने 24 जुलाई को समाज के बुद्धिाीवियों की बैठक बुलायी है। बैठक विधायक क्लब हॉल में दिन के 12 बजे से होगी। इसमें आरक्षण के विषय पर सर्वोच्च न्यायालय और झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश की व्याख्या की जायेगी। बैठक में समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की, बुधु भगत, मेघा उरांव, शंकर मुंडा, मारिया तिर्की, मदन पाहन, हाबिल तिग्गा और राजदेव पाहन उपस्थित थे।ड्ढr चर्च की बैठकड्ढr जीइएल और एनडब्ल्यूजीइएल चर्च की शांति समिति की बैठक बुधवार को एनडब्ल्यूजीइएलसी सचिवालय में हुई, जिसमें दोनों कलीसियाओं के बीच के संबंध को बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। बैठक में मोडरटर नेलसन लकड़ा, बिशप निर्दोष लकड़ा, बिशप निर्मल मिंज, बिशप सीडी जोजो, बिशप पीडीएस तिर्की, बिशप अमृत जय एक्का, पावल खलखो, निरांन एक्का और अटल खेस उपस्थित थे।ड्ढr जलछाजन जमीं पर उतारेंड्ढr ग्रामीण विकास विभाग ने उपायुक्तों को जलछाजन योजनाओं धरातल पर उतारने का निर्देश दिया है। वुधवार को एनआइसी के सभागार में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिलों में चल रही जलछाजन योजनओं की समीक्षा ग्रामीण विकास सचिव संतोष कुमार सतपथी ने की। अधिकांश जिलों में जलछाजन योजनाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा उपायुक्तों और विभागीय पदाधिकारियों से मुख्यमंत्री विकास योजना, मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना, एसजीएसआरवाइ और अन्य कार्यक्रमों की स्थिति की जानकारी भी ली।ड्ढr टीके चांद अध्यक्ष बनेड्ढr सीसीएल के डीपी टीके चांद इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ इंडस्ट्रीयल इांीनियरिंग रांची चैप्टर के अध्यक्ष चुने गये हैं। कंपनी के एसइ एके मिश्र को चेयरमैन और एसए खान को सचिव चुना गया। इनका कार्यकाल एक वर्ष का होगा। गत 21 जुलाई को हुई चैप्टर की वार्षिक आम सभा में श्री चांद ने अपने विचार भी रखे।ड्ढr शांति आंध्रप्रदेश गयीड्ढr चाइल्ड लाइन ने 23 जुलाई को आंध्र प्रदेश की शांति को वापस भेजा। 16 वर्षीया शांति दस जून को राजमुंदरी आंध्रप्रदेश से भटक कर रांची पहुंच गयी थी। इसे सिस्टर अयोना ने चाइल्ड लाइन को सौंपा था। बाद में चाइल्ड लाइन की ओर से शांति के घर का पता किया गया। शांति को छोड़ने के लिए चाइल्ड लाइन की कार्यकर्ता रीता प्रधान गयी हैं।ड्ढr आशा किरण पहुंची सुषमाड्ढr सुषमा मुंडा (16 वर्षीय) बुधवार को को सामाजिक संस्था आशा किरण पहुंची। उसे सुबह संस्था की सिस्टर जेम्मा के हवाले किया गया। सुषमा ने बताया कि वह गांव की एक एजेंट मनीषा के साथ कुछ दिन पहले घर से निकल गयी थी। रांची से कुल छह सात लड़कियों के साथ वह दिल्ली गयी, पर दिल्ली स्टेशन लाकर उसे छोड़ दिया गया था। वहीं पर उसकी मुलाकात झारखंड के ही एक व्यक्ित से हुई, जिसे वह बाबा कहती है। उसी व्यक्ित ने उसकी मदद की और उसे रांची पहुंचाया। सुषमा ने अपने पिता का नाम मैघू मुंडा और मां का नाम रुक्िमणी देवी बताया है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: संक्षिप्प्त खबर