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सोमनाथ पर चला पार्टी का चाबुक

वामदलां क लगातार दबाव क बावजूद सामनाथ चटर्जी क लाकसभा स्पीकर पद पर बन रहन स नाराज माकपा न बुधवार को उन्हं पार्टी स बर्खास्त कर दिया। माकपा पालित ब्यूरा की आपात बैठक में सामनाथ क खिलाफ कार्रवाई करत हुए उनकी पार्टी की सदस्यता रद्द करने का निर्णय लिया गया है। बाद में पोलित ब्यूरो द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में इस आशय की जानकारी दी गई। देश के लोकतंत्र के इतिहास की यह पहली घटना है कि जब लोकसभा अध्यक्ष को पार्टी से निकाला गया हो। सामनाथ चटर्जी बालपुर स सीपीएम क सांसद हैं। इस बीच कांग्रेस ने कहा कि सोमनाथ चटर्जी किसी एक पार्टी के नहीं बल्कि पूरी लोकसभा द्वारा चुने गए अध्यक्ष हैं और वह अब भी इस पद पर हैं। कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा कि संसदीय इतिहास में यह एक अभूतपूर्व स्थिति है। रल मंत्री लालू प्रसाद ने कहा कि सोमनाथ को पद से इस्तीफा नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेफ्ट ने फ्रस्टेशन में यह निर्णय लिया है। वर्ष 1मं सामनाथ न माकपा की सदस्यता ग्रहण की और 1मं पहली बार सांसद बन। पिछल करीब 40 सालां स वह माकपा क सदस्य थ। वह अब तक दस बार सांसद निर्वाचित हुए हैं। इस बीच सोनमाथ ने स्वयं को पार्टी के फैसले पर कहा कि उन्हें इससे दुख पहुंचा है। उन्होंने कह कि उन्हं 1मं सर्वश्रष्ठ सांसद क पुरस्कार स भी सम्मानित किया गया।ड्ढr ड्ढr इसस पहल सूत्रां क बताया था कि सामनाथ का लकर माकपा क तवर सख्त हैं और पार्टी निलंबन अथवा उन्हं नाटिस दिए जान स बड़ा फैसला ले सकती है। जानकारां क अनुसार हालांकि इसस लाकसभा स्पीकर क रूप मं उनक पद पर काई असर नहीं पड़गा। संवैधानिक प्रावधान क तहत लाकसभा मं बहुमत क आधार पर ही उन्हं स्पीकर पद स हटाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि वामदलां की समर्थन वापसी क बाद स ही सामनाथ चटर्जी पर लाकसभा स्पीकर पद स इस्तीफा दन का दबाव बनाया जा रहा था। लफ्ट सांसद हान क तौर पर जहां वामदल चाहत थ कि सामनाथ इस्तीफा द दं। वहीं, सामनाथ चटर्जी न दा टूक कहा था कि स्पीकर का पद किसी पार्टी स बंधा नहीं हाता है। उन्हांन कहा था कि लाकसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक गरिमा का पद है और इसकी मर्यादा का उल्लंघन नहीं करेंग।ड्ढr ड्ढr इस बीच माकपा नता सीताराम यचुरी न कहा था कि सामनाथ चटर्जी क बारे मं उचित समय पर फैसला किया जाएगा। चटर्जी न मंगलवार को कहा था कि वह इस्तीफा नहीं दंग। सोमनाथ का कहना है कि कि माकपा मरे खिलाफ कार्रवाई करन क लिए मुझ नाटिस नहीं थमा सकती। उन्हांन कहा कि माकपा न मुझ पर कार्रवाई का अधिकार पालित ब्यूरा का सौंपा है, जबकि मैं सन्ट्रल कमटी का सदस्य नहीं हूं। इसलिए मुझ नाटिस थमाए जान का सवाल ही नहीं उठता।

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