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जलजमाव पर होगी विपक्ष की गोलबंदी

बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र गुरुवार से शुरु हो रहा है। सत्र के दौरान सिर्फ पांच बैठकें होंगी। सरकार बचाव की तैयारी में जुटी है। सत्तारूढ़ जदयू की रणनीति के मुताबिक बचाव के लिए आक्रामक रूख का सहारा लिया जाएगा। इधर कई मुद्दों पर विपक्ष के बीच एकाुटता की संभावना है। कुछ मामलों में कामरोको प्रस्ताव पेश करने के भी आसार हैं। मुख्य विपक्ष दल राजद ने पटना के जलजमाव को मुद्दा बनाने का फैसला किया है। यह ऐसा मुद्दा है जिस पर विपक्षी दलों की गोलबंदी आसानी से हो जाएगी। इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल के कुछ सदस्य भी सरकार का बचाव नहीं करंगे। ये ऐसे सदस्य हैं जिनका निर्वाचन क्षेत्र पानी में डूबा हुआ है। इसके चलते इन्हें रो फाीहत झेलनी पड़ सकती है।ड्ढr ड्ढr यूपीए के घटक दलों पर विश्वास मत की जीत का भी उत्साह है। यह उत्साह विपक्ष के रूख को आक्रामक बनाएगा। दूसरी तरफ एनडीए के विधायक पराजय से हतोत्साहित है। जल जमाव के अलावा राशन-किरासन कूपन, विश्वविद्यालयों की लंबी हड़ताल, कानून- व्यवस्था और अफसरशाही भी विपक्ष का मुद्दा बनेगा। विश्वविद्यालयों की हड़ताल का पूरा असर विधान सभा की कार्यवाही पर पड़ेगा। शिक्षक क्षेत्र से चुने गए पार्षदों के लिए यह पहला एजेंडा होगा। केंद्र में यूपीए से अलगाव के बावजूद सदन के भीतर जनता के मुद्दे पर वाम दल भी विपक्ष के सुर में सुर मिला सकते हैं। हालांकि, सदन में वाम दलों के सदस्यों की संख्या काफी कम है। उसमें भी भाकपा-माकपा और भाकपा माले के बीच किसी मुद्दे पर मुश्किल से सहमति बन पाती है। उम्मीद की जा रही है कि बसपा के सदस्य भी सरकार पर हमला करने से परहेा ही करंगे।ड्ढr वैसे, विधान सभा के मानसून सत्र की खासियत यह भी रहेगी कि समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि इसमें नजर नहीं आएंगे। 2005 के विस चुनाव में सपा के दो उम्मीदवार जीते थे। दोनों जदयू में चले गए। काम रोको प्रस्ताव लाएगा राजदड्ढr पटना(हि.ब्यू.)। पटना में जल जमाव, गड्ढों, खराब सड़कें और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राजद ने राज्य सरकार को सदन में घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। इन मुद्दों पर पार्टी सदन में काम रोको प्रस्ताव लाएगी और बहस की मांग भी करगी। राजद के प्रदेश अध्यक्ष अब्दुलबारी सिद्दीकी बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में पटना में जल जमाव से उत्पन्न नारकीय स्थिति पर सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि अगले साल पटना के लोगों को जल जमाव की समस्या से मुक्ित मिल जाएगी। पर, पिछले एक पखवार से स्थिति नारकीय बनी हुई है। लोग इस समस्या से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। पटना सहित राज्य भर की सड़कों का बुरा हाल है। कांवरिया पथ की स्थिति बेहद खराब है। हर तरफ गड्ढे खोद कर छोड़ दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कार्यो में कमीशनखोरी और राशि का व्यापक अपव्यय हुआ है। उन्होंने पटना को जल जमाव से मुक्ित दिलाने और सड॥कों के निर्माण के नाम पर राशि के अपव्यय की हाईकोर्ट के न्यायाधीश या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की। उन्होंने विश्वविद्यालयों में चल रही हड़ताल के लिए भी सरकार को आड़े हाथों लिया।ड्ढr ड्ढr श्री सिद्दीकी ने कहा कि हड़ताल से पढ़ाई-लिखाई ठप है। सूचना यह भी है कि कर्मचारी भूख से मर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को अविलंब कर्मचारियों की जायज मांगों को स्वीकार कर हड़ताल समाप्त करानी चाहिए। उन्होंने दरभंगा जिला के अलीनगर प्रखण्ड का मुख्यालय स्थानांतरित कर मोहिउद्दीन नगर पकड़ी किए जाने के सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के एक विधान पार्षद की साजिश के कारण ही सरकार ऐसा कर रही है। उनका इशारा भाजपा के विधान पार्षद संजय झा की ओर था। इस मौके पर विधान पार्षद डा.रामवचन राय भी उपस्थित थे।ं

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