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सरकार की विफलता को मुद्दा बनाएगी लोजपा

लोजपा नीतीश सरकार के 30 माह के शासन की विफलता को विधानसभा में मुद्दा बनायेगी। सशक्त विपक्ष की भूमिका निभाने के लिए पार्टी ने पुख्ता रणनीति तैयार कर ली गयी है। पार्टी गुरुवार को राजधानी समेत पूर राज्य में सड़क, सिंचाई और बिजली की खराब हालत के सवाल पर सरकार को घेरगी। बीपीएल सूची में गङ़बड़ी और पटना में चौपट कर दी गयी जलनिकासी व्यवस्था का भी मामला उठाया जायेगा। बुधवार को लोजपा विधान मंडल दल के नेता महेश्वर सिंह कहा कि एनडीए की सरकार अपने 30 माह के शासन में ऐसा एक भी काम नहीं कर सकी है जिससे लोगों को राहत मिले। दूसरी ओर लोगों का जीवन नारकीय बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गयी है। सरकार की निष्क्रियता के कारण केन्द्र से भेजी गयी वृद्धावस्था पेंशन, नरगा और इंदिरा आवास की राशि खर्च नहीं हो रही है। गरीबों को राशन और किरासन भी नहीं मिल रहा है।ड्ढr ड्ढr उपभोक्ता कल्याण कोष बनेगाड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के लिए सरकार राज्य में उपभोक्ता कल्याण कोष बनायेगी। केन्द्र सरकार द्वारा बार-बार दबाव डाले जाने पर राज्य में इस कोष के गठन की कवायद फिर शुरू हो गयी है। यह मामला पिछले छह साल से अटका हुआ है। इसके लिए केन्द्र और राज्य को 50-50 लाख रुपये लगाने हैं। राशि का उपयोग उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के प्रचार-प्रसार और जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन के लिए किया जाएगा। बिहार के उपभोक्ताओं में उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के लिए केन्द्र ने राज्य सरकार को कोष का गठन करने की सलाह दी है। राज्य में जिलों की संख्या 25 से ज्यादा है। लिहाजा केन्द्र 50 लाख रुपये देगा। राज्य सरकार को भी अपनी ओर से 50 लाख रुपये लगाने होंगे। गौरतलब है कि राजद के शासनकाल और फिर राष्ट्रपति शासन के दौरान भी राज्यांश के रूप में 50 लाख रुपए की मांग का एक प्रस्ताव वित्त विभाग के पास भेजा गया जिसे उसने खारिज कर दिया। अब यह मामला नये सिर से खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विचाराधीन है।ड्ढr ड्ढr आवेदकों ने आश्चर्य व्यक्त कियाड्ढr पटना (हि. ब्यू.)। कृषि विभाग द्वारा ग्रामीण प्रसार कार्यकर्ताओं की बहाली पर रोक लगाने का आदेश अबतक निर्गत नहीं करने पर कई आवेदकों ने आश्चर्य व्यक्त किया है। आवेदकों ने कहा कि कृषि मंत्री नागमणि द्वारा रोक लगाने की घोषण के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी इस मामले में बीच का रास्ता निकालने का आदेश दिया है। बावजूद अबतक विभाग द्वारा इस मामले पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। उधर जिलों में भेजे गये पूर्व के निर्देश के आधार पर ही अधिकारी बहाली की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।ड्ढr ड्ढr रिक्त पदों को शीघ्र भरने की सलाहड्ढr पटना (हि. ब्यू.)। राज्य किसान आयोग ने कृषि विज्ञान केन्द्रों में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरने की सलाह राज्य सरकार को दी है। किसान आयोग के अध्यक्ष रामाधार ने कृषि विकास के लिए सरकार को कई सुझावों के साथ एक रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि विज्ञान केन्द्रों के रिक्त पदों को भर बिना योजनाओं को सुचारु रूप से चलाने में परशानी होगी। हालांकि सरकार का भी यही मानना है। सरकार सभी जिलों में चल रहे कृषि विज्ञान केन्द्रों में परियोजना निदेशकों और उप परियोजना निदेशकों के रिक्त पदों को जल्द भरने की घोषण पूर्व में भी कर चुकी है। कृषि मंत्री नागमणि ने भी यह घोषणा की थी। कई जिलों में पूर्णकालिक परियोजना निदेशकों को पदस्थापित भी किया गया लेकिन अब भी इन कृषि विज्ञान केन्द्रों में कई पद रिक्त हैं।

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