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मुरली की फिरकी में फंसा भारत

सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब की जिस पिच पर श्रीलंकाई चीतों ने 600 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था उसी पिच पर भारतीय शेर ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन की फिरकी के आगे समर्पण कर बैठे। भारत शुक्रवार को तीसरे दिन के खेल की समाप्ति तक फॉलोऑन के भंवर में फंस चुका है। उसने अपने चोटी के छह बल्लेबाज सिर्फ15रन पर ही खो दिये हैं। फॉलोऑन की शर्म से बचने के लिए भारत को अब भी 242 रन और चाहिए। खराब रोशनी के कारण दिन का खेल नौ ओवर शेष रहते खत्म करना पड़ा। भारत की आखिरी उम्मीद अब वीवीएस लक्ष्मण पर टिकी हुई है मगर भारत को फॉलोऑन से बचाने के लिये उन्हें और अन्य सहयोगी बल्लेबाजों को भी करिश्माई प्रदर्शन करना होगा। बल्लेबाजी के लिए माकूल नजर आ रही पिच पर श्रीलंका द्वारा छह विकेट पर 600 रन का विशाल स्कोर खड़ा करके पहली पारी घोषित किये जाने के बाद मैदान पर उतरे भारतीय बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत के बाद मुथैया मुरलीधरन के आगे घुटने टेक दिये। बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर के दबाव में टिक कर खेलने के बाजाए हवा में शॉट खेलने का खामियाजा भुगता। सहवाग, गंभीर, गांगुली और कार्तिक कैच आउट हुए। मेजबान टीम के बल्लेबाजी करते हुए पिच बेहद आसान लग रही थी, लेकिन जब भारतीयों ने बल्ला थामा तो पिच पर गेंदबाजों विशेषकर मुरलीधरन क हौआ चल पड़ा। मैच से पहले -मेंडिस हाइप- के बीच भारत ने मुरलीधरन को भी अपने लिये बड़ा खतरा बताया था जिसे सही साबित कर उन्होंने भारतीय पारी को झकझोरते हुए 15 ओवर में महज 38 रन देकर गौतम गंभीर (3सचिन तेंदुलकर (27) सौरभ गांगुली (23) और दिनेश कार्तिक (0े विकेट झटके जबकि -अबूझ पहेली- बने स्पिनर अजंता मेंडिस ने तकनीकी रूप से भारत के सबसे मजबूत खिलाड़ी माने जाने वाले राहुल द्रविड़ (14) को अपनी -कैरम बॉल- के जाल में फंसाकर क्लीन बोल्ड करके भारत का खेल बिगाड़ दिया। भारत ने अंतिम सत्र में 2ओवर के खेल में महज 85 रन जोड॥कर अपने पांच कीमती विकेट गंवाए। भारत श्रीलंकाई स्कोर से 441 रन पीछे है। उसे फॉलोऑन से बचने के लिये अभी 242 रन और बनाने हैं, जबकि उसके चार विकेट ही शेष हैं। खराब रोशनी के कारण दिन का खेल निर्धारित समय से पहले खत्म करना पड़ा। उस समय वीवीएस लक्ष्मण 1तथा कप्तान अनिल कुम्बले एक रन पर मोर्चा संभाले हुए थे। इससे पहले, श्रीलंका ने अपनी पहली पारी छह विकेट पर 600 रन बनाकर घोषित की। कल के नॉटआउट बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान ने मंलिडा वर्णापुरा, महेला जयवर्धने और थिलन समरवीरा के बाद श्रीलंकाई पारी का चौथा शतक बनाया। दिलशान ने अपनी 125 रन की पारी में12 चौके और एक छक्का लगाया।ड्ढr ह्य श्रीलंका ने दूसरे दिन के चार विकेट पर 422 रन के स्कोर के आगे खेलना शुरू किया और उसे दिन का पहला झटका समरवीरा (127) के रूप में लगा। समरवीरा को जहीर खान की गेंद पर लक्ष्मण ने लपका।ड्ढr उन्होंने अपनी शतकीय पारी में18 चौके लगाए। समरवीरा के आउट होने के बाद दिलशान ने रनगति तेज करते हुए मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए और अपने कॅरियर का पांचवां शतक ठोंका। वह125 रन बनाकर नॉटआउट रहे। विकेटकीपर प्रसन्ना जयवर्धने ने हरभजन की गेंद पर इशांत शर्मा के हाथों कैच आउट होने से पहले 30 रन बनाए।ड्ढr भारतीय ओपनरों विरन्दर सहवाग (25) और गंभीर ने तेज शुरुआत करते हुए पहले पांच ओवर में 36 रन जोड़े। इसी स्कोर पर सहवाग के रूप में भारत को पहला झटका लगा। वह नुवान कुलसेखरा की सधी हुई बाउंसर को हुक करने की कोशिश में मिडविकेट पर वणेपुरा को कैच दे बैठे। सहवाग ने अपनी16 गेंदों की पारी में पांच चौके जड़े। चायकाल के बाद श्रीलंका को गम्भीर के रूप में एक और सफलता मिल गई। गम्भीर मुरलीधरन की फ्लाइटेड गेंद पर चकमा खा गये और उसे मिडऑन की तरफ पुश करने के प्रयास में शॉर्ट कवर पर समरवीरा को कैच दे बैठे। मुरलीधरन का पहला शिकार बने गम्भीर ने अपनी पारी में पांच चौके लगाए।ड्ढr अगले ही ओवर में मेंडिस ने अपनी सटीक लेग ब्रेक गेंद पर राहुल द्रविड़ का ऑफ स्टम्प उड़ाकर सनसनी फैला दी। गेंद की लाइन में आने में नाकाम रहे द्रविड़ अपने आउट होने के तरीके से भौचक रह गये। इसके बाद तेंदुलकर तथा गांगुली ने श्रीलंका को जल्द कोई और कामयाबी नहीं लेने दी। दोनों ने चौथे विकेट के लिये 44 रन जोड़े। उस समय ऐसा लग रहा था कि सचिन और गांगुली तीसरे दिन का खेल बिना किसी और नुकसान के खत्म कर लेंगे कि तभी 123 रन के स्कोर पर सचिन भी मुरलीधरन की गेंद पर दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से बोल्ड हो गये। सचिन ने ऑफ स्टम्प से बाहर जाती हुई गेंद को छोड़ने का प्रयास किया मगर गेंद उनके बल्ले से टकराकर ऑफ स्टम्प पर जा लगी। खराब रोशनी के कारण मैच 21 मिनट तक रुके रहने के बाद मुरलीधरन ने गांगुली के रूप में भारत को एक और करारा झटका दिया। गांगुली ने मिडिल स्टम्प की लाइन पर पड़ी गेंद को स्वीप करने की कोशिश की मगर वह शॉट को नीचा नहीं रख सके और कुलसेखरा ने लंबी दौड़ लगाते हुए उनका दर्शनीय कैच लपक लिया। दिनेश कार्तिक पर अति आक्रामकता भारी पड़ गई और आखिरकार मुरलीधरन ने उन्हें जाल में फंसाकर अपने हाथों कैच आउट करके भारत को छठा झटका दे दिया।

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