DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झारखंड में एनएच का कोई स्टैंडर्ड नहीं

किमी सिंगल लेन 643 किमी इंटरमीडिएटएनएच 80 मिर्जाचौकी- फरक्का ध्वस्त, त्राहिमामड्ढr वर्षो पुराने दर्जन भर पुल-पुलिये भी जर्जरड्ढr लाइफलाइन एनएच 33 भी पूर्णतया डबल- चकाचक नहीं झारखंड में राष्ट्रीय उच्च पथों का स्टैंडर्ड नहीं है। यहां एनएच की लंबाई 1844 किमी है। इनमें 643 किलोमीटर इंटरमीडियेट तथा किमी सिंगल लेन हैं। दर्जन भर पुल- पुलिये जर्जर हैं। सिंगल सड़क की चौड़ाई महा 3.5 मीटर, इंटरमीडियेट 5.5 मीटर है तथा डबल 7 मीटर चौड़ी होती है। डबल लेन पर ही दो बड़े वाहन आसानी से पार हो सकते हैं। एनएच 33 (बरही- बहरागोड़ा 330 किमी) राज्य की लाइफलाइन मानी जाती है। यह सड़क भी पूर्णतया डबल लेन नहीं है। 330 में 11 किमी इंटरमीडियेट है। महत्वपूर्ण सड़कों में एनएच 80 ( मिर्जाचौकी - फरक्का, बंगाल बॉर्डर- किमी) का 63 किमी सिंगल तथा 23 किमी इंटरमीडियेट है। सड़क भी पूरी तरह ध्वस्त है।ड्ढr धनबाद के इइ ने चीफ इंजीनियर से मिलकर त्राहिमाम रिपोर्ट दी है। तत्काल सुधार के लिए 30 लाख रुपये का प्रोजेक्ट सौंपा है। हाल ही में दिल्ली में हुई इच्च स्तरीय बैठक में विभागीय सचिव एनएन सिन्हा तथा विकास आयुक्त एके सिंह ने केंद्रीय मंत्री तथा सचिव से अनुरोध किया है कि झारखंड की सड़कों को डबल लेन करने के लिए विशेष पैकेा की स्वीकृति दें। चीफ इंजीनियर विष्णु राम ने भी एनएच के आला इंजीनियर तथा झारखंड के प्रभारी को पूरी रिपोर्ट से अवगत कराया है। एकमुश्त फंड देने पर जोर दिया गया है। हालात बदलने को कम- से- कम पांच सौ करोड़ चाहिए।ड्ढr रांची- खूंटी- चाईबासा- जतगढ़ (एनएच 75 इ- 202 किमी) में 165 किमी सड़क इंटरमीडियेट है। सूरत बदलने को रोड़ का प्रोजेक्ट केंद्र को सौंपा गया है। रांची- डालटनगंज- रणुकुट - यूपी बॉर्डर (एनएच 75 कुल लंबाई- 261 किमी) के 22किमी सड़क को डबल लेन किया जाना जरूरी है। उग्रवाद प्रभावित इलाकों से गुजरने वाली सड़कोंे की हालत और भी ठीक नहीं है। एनएच हरिहरगंज- छतरपुर- पड़वा मोड़) का 55 किमी हिस्सा इंटरमीडियेट है। इसी तरह एनएच 100 (चतरा- हाारीबाग- बगोदर ) का 72 किमी इंटरमीडियेट तथा 36.50 किमी सिंगल लेन है। एनएच चंदवा- हंटरगंज, 106 किमी) में महा 20 किमी ही सड़क डबल लेन है। ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: झारखंड में एनएच का कोई स्टैंडर्ड नहीं