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राशन - किरासन की कमी का मुद्दा : दिनभर नहीं चली विस

राशन-किरासन की कमी को मुद्दा बनाते हुए विपक्ष ने शुक्रवार को विधानसभा नहीं चलने दी। राजद, लोजपा, कांग्रस, माले, बसपा, सीपीआई सीपीएम के सदस्यों ने दिन भर हंगामा किया। विधानसभा अध्यक्ष उदयनारायण चौधरी ने चार बार सदन चलाने की कोशिश की पर हर बार सदन स्थगित करनी पड़ी। राजद ने विधानसभा अध्यक्ष पर विपक्ष को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारबाजी की। ‘नीतीश-मोदी का है खेल, खा गया राशन पी गया तेल,’ ‘राशन चोर-किरासन चोर, गद्दी छोड़-गद्दी छोड़,’ ‘गरीबों का राशन अमीरों को देना बन्द करो-बन्द करो’आदि नार लगाते हुए वेल में आ राजद सदस्यों ने सरकार विरोधी नार लगाए। राजद का कार्यस्थगन प्रस्ताव राशन-किरासन कूपन के वितरण में धांधली और बीपीएल-एपीएल के निर्धारण में गड़बड़ी को लेकर था।ड्ढr ड्ढr राजद के मुख्य सचेतक रामचन्द्र पूव्रे ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष विपक्ष की बात सुन नहीं रहे। वहीं विधानसभा अध्यक्ष राजद सदस्यों से बार-बार आग्रह करते रहे कि प्रश्नोत्तर काल के बाद उनकी बात सुनी जाएगी। सदस्य नहीं माने तो सभाध्यक्ष ने कार्रवाई 12 बजे तक के लिए रोक दी। दोबारा कार्रवाई शुरू होने पर उन्होंने राजद के शकील अहमद खां और सीपीएम के रामदेव वर्मा के कार्यस्थगन प्रस्ताव को नियमानुकूल नहीं बता कर खारिज कर दिया। इस पर विपक्ष और भड़क गया। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री रामाश्रय प्रसाद सिंह और राजद के जगदानन्द के बीच नोक-झोंक भी हुई। इस दौरान रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा कि विपक्ष सरकार के काम में बाधा डाल रहा है। सरकार जवाब देने को तैयार है पर विपक्ष सुनना ही नहीं चाहता है। बाद में सदन के बाहर रामचन्द्र पूव्रे ने कहा कि स्पीकर विपक्ष की आवाज होते हैं, उन्हे विपक्ष की सुननी चाहिए। कार्यस्थगन प्रस्ताव नियामानुकूल होने के बावजूद स्पीकर ने मुख्य विपक्षी दल की अनदेखी की।

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