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पाक जाने वाला मक्का किशनगंज में फंसा

पाकिस्तान सहित अन्य मुल्कों में निर्यात किया जाने वाला मक्का एनएफ रलवे द्वारा निधार्रित तिथि 22 जुलाई को रैक (मालगाड़ी) उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण किशनगंज में फंस गया है। इधर, 31 जुलाई के बाद मक्का निर्यात पर रोक लगने की खबर से निर्यातक कंपनी एवं किसानों की परशानी बढ़ गयी है। शुक्रवार को करीब 150 ट्रकों पर लदे मक्के को तीन दिनों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार स्थानीय पश्चिम पाली चौक स्थित एक गोदाम में अनलोड किये जाने की प्रक्रिया जारी थी।ड्ढr ड्ढr इस दौरान पश्चिम पाली चौक से लहरा चौक एवं दक्षिण रोड पर ट्रकों की करीब 2 कि.मी. लंबी लाइन लग गयी थी। इन ट्रकों पर करीब 70 हजार बोर लदे हैं। बेगानी एक्सपोर्ट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सीधे किशनगंज से कांकीनारा पोर्ट (गुजरात) तक इन मक्का को पहुंचाने के लिए 40-41 डिब्बों वाला गुड्स ट्रन (रैक) बुक किया गया था और इसी मद्देनजर गुलाबबाग से करीब 150 ट्रकों में मक्का लोड कर किशनगंज लाया गया। उक्त निर्यातक कंपनी के प्रतिनिधि विकास बेगानी ने ‘हिन्दुस्तान’ को दूरभाष पर बताया कि कांकीनारा पोर्ट के लिए बुक किये गये एक रैक को 22 जुलाई को ही यहां लगना था, परंतु रलवे प्रशासन ने चावल का रैक यहां लगवा दिया।ड्ढr ड्ढr अब सीमेंट, खाद व चीनी का भी रैक लगने की खबर है। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई से ही लोड किये गये ट्रकों के खड़े रहने से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। थक-हारकर माल यहीं किशनगंज में अनलोड करना पड़ा है। जबकि, माल गोदाम इंचार्ज जुनैद अख्तर ने बताया कि 22 जुलाई को एक रैक मांगा जरुर गया था, पर चावल का रैक आने की वजह से रैक उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। उन्होंने अगले सोमवार तक रैक उपलब्ध होने की जानकारी दी।ड्ढr दूसरी ओर, मक्का निर्यात पर 31 जुलाई के बाद रोक लगने की खबर से निर्यातक कंपनी सहित मक्का उत्पादक किसानों की परशानी बढ़ चुकी है। किसानों की चिंता यह है कि निर्यात बंद होने की खबर से मक्का के दाम गिर गये हैं।

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