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वाहन चोरों के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़

लग्जरी वाहनों की चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कोतवाली थाने की टीम ने सरगना मो. कलाम (मलहबिगहा, इस्लामपुर) समेत 4 चोरों को चोरी की 5 सफारी, सूमो विक्टा और बोलेरो के साथ धर दबोचा। शनिवार को पुलिस ने दावा किया कि इस गैंग ने विभिन्न राज्यों से तीन दर्जन से अधिक कीमती वाहनों को चुराने के बाद बेच कर अकूत संपत्ति अर्जित की है। गिरफ्तार चोरों में मुश्ताक खान (सुल्तानगंज), मनोज कुमार (कोरावां, इस्लामपुर) और कुंदन कुमार (हिलसा) शामिल हैं।ड्ढr ड्ढr शुक्रवार की रात गुप्त सूचना पर थानाध्यक्ष मुंद्रिका प्रसाद, अपर थानाध्यक्ष दिनेशचंद्र श्रीवास्तव ने दल-बल के साथ वीणा सिनेमा हॉल के पार्किंग के पास घेराबंदी कर सफारी (डब्लू.बी.20एच.-641पर सवार सरगना कलाम और कुंदन को पकड़ा। इन दोनों ने मुश्ताक के बार में जानकारी देते हुए उससे गाड़ी खरीदने की बात कही। तब पुलिस ने सुल्तानगंज के दरगाह रोड से मुश्ताक को दबोचा। इसके बाद नालंदा जिले के हिलसा, इस्लामपुर आदि इलाकों में छापेमारी कर दो बोलेरो (बी.आर.53-6158 व जे.एच.02जे.-4और दो विक्टा (बी.आर.1ए.पी.-8654 व डब्लू.बी.-24डी.-6674) के अलावा मनोज को पकड़ा गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि बिहार-झारखंड से दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता आदि राज्यों में भी ये अपराधी सक्रिय हैं। सरगना ने खुलासा किया कि हाथ में समाने लायक बड़े चुम्बकनुमा गोले से वाहन के बाहरी लॉक को खोल कर अंदर गाड़ी के इगनिशन में कांटी डाल कर अनुमान लगाने के बाद उसी हिसाब से चाभी तैयार कर स्टार्ट किया जाता है। इसे अंजाम देने में दो-तीन मिनट ही लगता है। चोरी के बाद स्थानीय वाहन दूसर प्रदेशों में तो बाहर की गाड़ियों को यहां लाकर नकली कागजात परिवहन विभाग में जमा कर उसका एनओसी आदि तैयार कर बेचा जाता है। ऐसी स्थिति में छानबीन के दौरान इन वाहनों को पकड़ना भी आसान नहीं होता।

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  • Web Title: वाहन चोरों के अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़