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सुधीर से 50 हचाार में तय किया था सौदा

व्यवसायी पुत्र महेश गुप्ता उर्फ लक्की से राहुल त्रिवेदी पैसा मांगा करता था। पैसे के खातिर ही उसकी हत्या भी करा दी।ड्ढr राहुल पुलिस गिरफ्त में है और अब जो कुछ वह पुलिस के समक्ष कह रहा है, उसके मुताबिक उसने पहले इमरान से दोस्ती की, फिर लक्की के अपहरण की योजना तैयार की। अमझरिया घाटी में लक्की की हत्या के बाद वह रांची पहुंचा था और परिवारवालों से यह जानने की कोशिश की थी कि लक्की कहां है। लक्की की मां के कहने पर वह घर गया और बाद में थाना भी। राहुल का कहना है कि मौलाना आजाद कॉलेज का छात्र इमरान गार्ड था। उससे दोस्ती होने के बाद वह इमरान के घर आने जाने लगा था। इमरान के यहां 15 दिन पहले राहुल पहुंचा था और उससे यह जानने की कोशिश की थी कि अगर कोई लड़का उसके संपर्क में है, जो अपहरण कर सकता है, तो उसे बुलाया जाये। राहुल के कहने पर ही बालूमाथ के सुधीर उरांव को बुलाया गया, जो पहले नक्सली संगठन से जुड़ा था। राहुल के मुताबिक उससे 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। अपहरण की योजना भी बनी। इसके लिए इमरान का मौसेरा भाई जुनैद और सुधीर का भाई किरानी से भी संपर्क साधा गया। सभी स्कूल और कॉलेज के छात्र हैं।ड्ढr घुमाने के बहाने लक्की को ले गया राहुलड्ढr 24 जुलाई को राहुल ने लक्की के मोबाइल 027 पर फोन किया था और रातू स्थित फन कैशल घूमने चलने को कहा था। राहुल के मोबाइल का नंबर 053-24है। राहुल के कहने पर महेश घर से निकला था। उसे वह हरिओम टॉवर ले गया। वहां चाउमिन खाने के बाद आगे जाने की बात थी। इमरान को भी साथ चलना था। वह लालपुर चौक पहुंचा। वहीं से राहुल की मोबाइल पर फोन किया था। राहुल लक्की को लेकर लालपुर आया और उसी की मोटरसाइकिल पर इमरान भी बैठकर आगे चला था। पिस्का मोड़ पर150 रुपये का पेट्रोल मोटरसाइकिल में भरवाया और तीनों आगे बढ़े। वे रातू की बजाय बेड़ो चले गये। बेड़ो पहुंचने पर तीनों को लगा कि गलत रास्ते पर आ गये हैं। लौटकर फिर रातू पहुंचे।ड्ढr जल्दी घर लौटने को कह रहा था लक्कीड्ढr पुलिस को दिये बयान में राहुल ने बताया कि लक्की कह रहा था कि उसे जल्दी घर लौटना है, लेकिन दो-तीन घंटा बाद भी जा सकता है। राहुल यह कहकर ले गया था कि बर्थडे पार्टी सेलिबट्र करना है। रातू में कोई नहीं मिला। तीनों आगे बढ़े। लक्की ने यहां भी विरोध किया। कुड़ू में सुधीर मिला। वह भी उसी मोटरसाइकिल पर बैठ गया। कुछ दूर जाने के बाद मोटरसाइकिल जंगल की ओर ले जाया गया। यहीं इसकी सूचना दी गयी कि लक्की का अपहरण कर लिया गया है। दोस्तों के बीच लक्की के साथ तू-तू मैं-मैं भी हुई। इतने में सुधीर ने उसकी मोबाइल से उसके पिता को फोन किया और अपहरण की जानकारी दी। इसके बाद वहीं लक्की की हत्या कर दी गयी।

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