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राज्य में आयरन ओर का सव्रे करा रही है सरकार

राज्य में स्टील प्लांट लगाने वाले निवेशकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार आयरन ओर माइंस का सव्रे करा रही है। अस्सी के दशक में जियोलॉजिकल सव्रे ऑफ इंडिया द्वारा आयरन ओर के स्टॉक का आकलन किया गया था। उस समय बहुत से माइंस का पता नहीं था। आयरन ओर की मांग भी उतनी नहीं थी।ड्ढr खान सचिव के के खंडेलवाल ने भूतत्व निदेशालय को आयरन ओर माइंस के सव्रे का निर्देश दिया है। फिलहाल जो क्षेत्र फारस्ट एरिया से बाहर है, उन्हीं में ड्रिलिंग कर आयरन ओर का पता लगाया जायेगा। इस काम में नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कारपोरशन की भी मदद ली जायेगी। इस क्रम में भूतत्व निदेशालय ने पश्चिम सिंहभूम जिले के आयरन ओर लीज एरिया और अनलीज एरिया का मैप तैयार कर लिया है। इस मैप के आधार पर वैसे निवेशको ं को लीज आवंटित करने पर सरकार विचार करगी, जो वास्तव में राज्य में स्टील प्लांट लगाने के लिए गंभीर हैं और जमीन खरीदने की दिशा में कदम आगे बढ़ा चुके हैं। राज्य में फिलहाल लगभग पांच हाार मिलियन टन आयरन ओर भंडार है। जबकि कंपनियों के आवेदन के अनुसार 50 हाार मिलियन टन आयरन ओर की जरूरत पड़ेगी।ड्ढr टिस्को, सेल, एस्सार, जिदंल स्टील, जेएसडब्ल्यू, आर्सेलर मित्तल, भूषण स्टील आदि को अंकुआ क्षेत्र में आयरन ओर का प्रास्पेक्िटंग लाइसेंस दिया गया है। इन कंपनियों द्वारा आयरन ओर के भंडार का पता लगाये जाने के बाद लीज आवंटित किया जायेगा।

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