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शहरी क्षेत्र में बीपीएल परिवारों के लिए अनाज जुटाने की चुनौती

सरकार के सामने शहरी क्षेत्र में अनुमान से दो लाख अधिक बीपीएल परिवारों के लिए अनाज जुटाने की चुनौती है। शहरी क्षेत्र में बीपीएल परिवारों की संख्या 10,18,647 है जिनके लिए लगभग 25 हजार टन अतिरिक्त अनाज का बन्दोबस्त करना पड़ेगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आठ लाख परिवारों के लिए ही अनाज की व्यवस्था की थी। अतिरिक्त अनाज के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।ड्ढr ड्ढr गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बीपीएल परिवारों की संख्या 1.13 करोड़ है। इसके बावजूद केन्द्र से सिर्फ 65 लाख परिवारों के लिए अनाज मिलता है। शहरी क्षेत्र में दस लाख से अधिक परिवारों को मिलाकर राज्य में लाभार्थियों की संख्या 1,23,5हो गयी है। तमाम परिवारों को अनाज देने के लिए उन्हें 35 किलोग्राम की बजाय 25-25 किलोग्राम अनाज देने का फामरूला अपनाया गया। इसके बावजूद प्रतिमाह 75 हजार टन अनाज कम पड़ गया। इसकी व्यवस्था के लिए राज्य सरकार को सालाना 878 करोड़ रुपये खर्च करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार अब 25 हजार टन अतिरिक्त अनाज की व्यवस्था के लिए भी 300 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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