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महिला अपहर्ता के घर मिली हथकड़ी

नाम - कभी मरियम फातिमा तो कभी महिमा। जैसा देश वैसा वेश। परिवार का आपराधिक इतिहास है। नतीजतन अपराध जगत में उसकी ‘महिमा’ अपरंपार है। अपहरण के मामले में वांछित मरियम को पटना पुलिस की विशेष टीम ने शास्त्रीनगर इलाके से दबोचने के बाद बीते सोमवार को समस्तीपुर पुलिस के हवाले कर दिया था। हालांकि तलाशी के दौरान उसके ठिकाने से मिली सरकारी हथकड़ी ने पुलिस को भी चौंका दिया है।ड्ढr ड्ढr फुलवारीशरीफ पुलिस इस बाबत छानबीन कर रही है। मरियम कुख्यात अपराधियों अरमान उर्फ विशाल अरमान व अमन उर्फ सोनी उर्फ अमानुल्लाह की मां है। मंजर आलम दंपति हत्याकांड में सोनी को समस्तीपुर से पिछले दिनों गिरफ्तार किया गया है जबकि मास्टरमाइंड अरमान अब भी फरार है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि महिमा के कई रसूखदार नेताओं से भी नजदीकी ताल्लुकात रहे हैं। इस बाबत पुलिस ने विभिन्न कुंडलियों को खंगालना शुरू कर दिया है। इधर शातिर मरियम के ‘महिमा’ बनने के पीछे की कहानी भी अजीबोगरीब है।ड्ढr ड्ढr मरियम समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थानांतर्गत घुंघरूपुर गांव की मूल निवासी है। वर्ष 2003 में उसी गांव से एक बच्चे का अपहरण (प्राथमिकी नंबर - 373 03) कर लिया गया था जिसका आज तक कोई सुराग नहीं मिला। इस मामले में मरियम व उसके पति और बेटों का नाम सामने आया था। गुस्साये ग्रामीणों ने मरियम के पति को मार डाला था। तब पुलिस ने उसके दोनों बेटों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद मरियम अपनी पहचान छुपाते हुए ‘महिमा’ के रूप में पटना पहुंची और शास्त्रीनगर थानांतर्गत मछली गली में किराये के मकान में रहने लगी। फुलवारीशरीफ पुलिस ने वहीं छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया था। अनुसंधान में लगे अधिकारियों के मुताबिक अब तक मंजर दंपति हत्याकांड में मरियम उर्फ महिमा की संलिप्तता के कोई सबूत नहीं मिले हैं।

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