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मैडल के लिए ‘जंग’ लड़ेंचगे समरेश

मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में सात पदक जीतकर तहलका मचा देने वाले पिस्टल शूटर समरेश जंग ने अपनी निगाहें बीजिंग ओलंपिक में पदक की जंग लड़ने पर टिका दी हैं। समरेश ने कहा, ‘निश्चित रूप से ओलंपिक कामनवेल्थ गेम्स से कहीं ज्यादा बड़े हैं। यह राष्ट्रमंडल खेलों से बिल्कुल अलग हैं और उससे कहीं ज्यादा विशाल है। ओलंपिक का दबाव कहीं अधिक होता है और जो इसे झेल लेता है वही पदक जीत पाता है। गत वर्ष म्युनिख विश्व कप से ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले समरेश से पदक संभावनाओं के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, ‘मैडल के बारे में कोई नहीं बता सकता। फिलहाल मेरा ध्यान अपनी 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में पंहुचने पर है। फाइनल के बाद तो किसी का भी दिन हो सकता है। बहुत कुछ आपके भाग्य और उस दिन के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।’ मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों 2006 में पांच स्वर्ण सहित सात पदक जीतने वाले 38 वर्षीय समरेश ने उस ऐतिहासिक कामयाबी के बाद कई उतार चढ़ाव देखे हैं। पर इस समय उनका ध्यान सिर्फ बीजिंग ओलंपिक पर है। उन्होंने कहा, ‘हम सभी नौ शूटर पूरे आत्मविश्वास के साथ बीजिंग जा रहे हैं। एथेंस ओलंपिक के मुकाबले इस बार हमारी तैयारी बेहतर है। कुछ पदकों की भी उम्मीद है।’ड्ढr समरेश ने कहा, ‘ओलंपिक में भी वही निशानेबाज उतरेंगे जिनके साथ हम विश्व कप और विश्व चैम्पियनशिप में प्रतिस्पर्धा कर चुके हैं। इस लिए हमें यह अंदाजा है कि हमारा मुकाबला जिससे होगा वह कैसे हैं।’ पिस्टल शूटर ने कहा, ‘हम दो महीने से बाहर थे और ट्रेनिंग कर रहे थे। हम सबने कड़ी मेहनत की है। हमें उम्मीद है कि हम यह फॉर्म लेकर बीजिंग जाएंगे और ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’ समरेश ने साथ कहा, ‘आप योजना बनाकर ओलंपिक में पदक नहीं जीत सकते। फाइनल में पहुंचना आपका पहला लक्ष्य होना चाहिए। उसके बाद आप पदक होड़ में आ सकते हैं।’ (वार्ता)ड्ढr

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