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आतंकियों का कोई सुराग नहीं

अहमदाबाद में शनिवार के सिलसिलेवार धमाके के सूत्रधारों की तलाश में सुरक्षा बलों ने तमाम इलाकों में छापे मारकर कुछ संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। वहीं, 50 लोगों की जान और 200 लोगों को घायल करनेवाली आतंकी कारगुजारी के सिलसिले में गिरफ्तार सिमी के एक कारिन्दे अब्दुल हलीम को 14 दिन के लिए पुलिस हिरासत में ोज दिया गया और एक संदिग्ध का स्कैच जारी किया। इधर, रविवार को डायमंड सिटी सूरत में विस्फोटकों से भरी जो दो वैगन आर कारं बरामद हुई थीं, उन्हें नवी मुंबई से चुराया गया था। शहर में लगातार दूसर दिन भी बम बरामद होने से दहशत का माहौल बना रहा। पुलिस ने एक ट्रांसफर्मर के नीचे पुलिस ने अहमदाबाद-राजकोट राजमार्ग पर एक व्यक्ित को भारी रकम के साथ गिरफ्तार किया। सुरक्षा एजेंसियों ने चेन्नई में भी सोमवार को दो संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। अहमदाबाद के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट जी.एम. पटेल ने हलीम को 14 दिन के लिए पुलिस हिरासत में ोजा। सूत्रों के मुताबिक, हलीम ने 2002 के गुजरात दंगों के बाद जेहादी गतिविधियों के लिए लोगों को सिमी में भर्ती करने का अभियान चलाया था। पुलिस की क्राइम ब्रांच यह पता लगाने की भी कोशिश कर रही है कि धमाकों में इस्तेमाल की गईं साइकिलें कहां से और किसने खरीदी थीं। वैसे अभी तक कि जांच से यह बात सामने आई है कि ज्यादातर साइकिलें पुरानी थीं। पुलिस रायपुर इलाके के एक स्थानीय निवासी से भी पूछताछ कर रही है जिसने संदिग्ध हमलावरों को इलाके में साइकिलें खड़ी करते देखने का दावा किया। सूरत के पुलिस आयुक्त आर.एम.एस. बरार ने कहा, ‘अबतक हमें इस बार में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है कि सूरत में विस्फोटकों से भरी कारं किसने खड़ी की थी।’ हालांकि मुंबई से यह जानकारी जरूर मिली है कि दोनों कारं महानगर के वासी और सानपारा इलाके में पार्किंग से चुराई गई थीं। इनके मालिक व्यापारी हैं। नवी मुंबई पुलिस में 15 जुलाई को कार चोरी होने की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। अहमदाबाद में एक फोरेंसिक विशेषज्ञ ने बताया कि सरसरी जांच से यह बात सामने आई है कि बम वाराणसी और जयपुर धमाकों की तर्ज पर बनाए गए थे। बमों में ज्यादा मात्रा में शीशे, नुकीले टुकड़े और कीलें आदि डालकर बड़े सुिनयोजित ढंग से बंद करके भीड़ भाड़ वाले इलाकों में इन्हें रखा गया था। उन्होंने बताया कि बम बनाने में इस्तेमाल किए गए टाईमर और अन्य उपकरणों से साफ पता चलता है कि यह किसी विस्फोटक बनाने वाले कुशल व्यक्ित का काम है।ड्ढr

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